जगदलपुर, 23 अक्टूबर 2026/ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के बस्तर प्रवास के दौरान शुक्रवार को आदिवासी संस्कृति, परंपरा और जन-सरोकार का अनूठा संगम देखने को मिला। जगदलपुर प्रवास पर पहुंचीं राष्ट्रपति ने बस्तर के ऐतिहासिक परंपराओं के संवाहकों के साथ समय बिताया और बस्तर के पारंपरिक मांझी-चालकी एवं मेंबरिन के साथ जमीन से जुड़े आत्मीय माहौल में दोपहर का भोजन किया।लालबाग मैदान में आयोजित विशाल आमसभा को संबोधित करने के उपरांत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के सम्मान में एक विशेष भोज का आयोजन किया गया था।

इस भोज में बस्तर की पारंपरिक प्रशासनिक व्यवस्था के प्रमुख अंग मांझी-चालकी और मेंबर-मेंबरिन विशेष रूप से शामिल हुए। राष्ट्रपति ने उनके साथ बैठकर भोजन किया और उनसे बेहद सहजता व आत्मीयता के साथ संवाद कर उनका कुशलक्षेम जाना।

इस अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, वन मंत्री केदार कश्यप, कृषि मंत्री विचार नेताम, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाडे़, बस्तर सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप, कांकेर सांसद भोजराज नाग, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, विधायक कोण्डागांव लता उसेंडी, विधायक केशकाल नीलकण्ठ टेकाम, महापौर संजय पाण्डेय सहित अनेक जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

इस दौरान मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, सचिव संस्कृति डाॅ एस भारतीदासन, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी बीएन मीणा, कलेक्टर आकाश छिकारा, एसपी शलभ सिन्हा सहित पारंपरिक मांझी-चालकी, मेंबर-मेंबरिन, नाइक-पाइक और बस्तर दशहरा समिति के सदस्य तथा बस्तर पंडुम के विजेता प्रतिभागी भी उपस्थित रहे।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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