रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

जगदलपुर, 25 अक्टूबर 2026/ मौसम विभाग द्वारा उत्तरी आंध्र प्रदेश तट पर संभावित चक्रवाती तूफान के लैंडफॉल की चेतावनी और समूचे प्रदेश के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी होते ही जिला प्रशासन द्वारा पूरी तरह सजगता बरती जा रही है। 27 अक्टूबर से सुकमा एवं दंतेवाड़ा सहित पूरे संभाग में बारिश की संभावना को देखते हुए बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा ने जिले में सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम शुरू कर दिए हैं।
उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि आपदा की स्थिति में किसी भी प्रकार की जनहानि को रोकना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए सर्व संबंधित विभागों के अधिकारी समन्वय स्थापित कर धरातल पर आपदा प्रबंधन के लिए तैयार रहें और मैदानी अमले को भी सतर्क रखें।
कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में आपदा से निपटने के लिए जिला और तहसील स्तर पर नियंत्रण कक्षों को 24 घंटे सक्रिय कर दिया गया है, जहां से मौसम की बदलती परिस्थितियों और चेतावनियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही राजस्व, पुलिस, नगर निगम, पंचायत, स्वास्थ्य और विद्युत जैसे आवश्यक सेवा विभागों को परस्पर समन्वय के साथ हाई अलर्ट पर रखा गया है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में तत्काल सहायता पहुंचाई जा सके।
जिला प्रशासन ने मैदानी स्तर पर संभावित खतरे को मद्देनजर रखते हुए निचले, जलभराव और बाढ़ की संभावित वाले इलाकों की पहचान कर ली है और आवश्यकतानुसार प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। किसी भी आपात बचाव अभियान के लिए राज्य आपदा मोचन बल और होमगार्ड के जवानों को बोट, कटर तथा अन्य जरूरी जीवनरक्षक उपकरणों के साथ तैयार रहने को कहा गया है।
इसके अलावा जल संसाधन विभाग को सभी प्रमुख जलाशयों और बांधों के जलस्तर पर पैनी नजर रखने की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि जल निकासी की आवश्यकता पड़ने पर निचले बहाव क्षेत्र के रहवासियों को समय रहते सचेत किया जा सके। कलेक्टर श्री आकाश छिकारा ने आम नागरिकों तक मौसम और सुरक्षा संबंधी चेतावनियों को बिना किसी देरी के पहुंचाने के निर्देश दिए हैं, साथ ही आम जनता से भी अपील की है कि वे खराब मौसम के दौरान नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा मानकों का पालन करें।