
तीन बार राज्य स्तर और दो बार राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में दिखा चुकी हैं अपनी प्रतिभा
जगदलपुर, 05 नवम्बर 2026/ नारायणपुर जिले के सुदूर वनांचल अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्राम हिकपाड़ की प्रतिभाशाली खिलाड़ी कुमारी रंजिता जुर्री खेल के क्षेत्र में अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। रामकृष्ण मिशन आश्रम नारायणपुर में अध्ययनरत रंजिता ने अब तक तीन बार राज्य स्तरीय और दो बार राष्ट्रीय स्तर की खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया है।
उनकी इस उपलब्धि से न केवल उनके परिवार और गांव, बल्कि पूरे नारायणपुर जिले और बस्तर अंचल का गौरव बढ़ा है। रंजिता को बचपन से ही खेलों के प्रति विशेष लगाव रहा है। खेल के प्रति उनकी रुचि धीरे-धीरे जुनून में बदल गई और उन्होंने नियमित अभ्यास एवं मेहनत के माध्यम से अपनी प्रतिभा को निखारना शुरू किया। पढ़ाई के साथ खेलों के लिए समय निकालना और लगातार अभ्यास करना उनकी दिनचर्या का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इसी लगन और समर्पण के परिणामस्वरूप उन्हें राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला। दूरस्थ ग्रामीण अंचल से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का उनका सफर क्षेत्र के अन्य बच्चों और युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक है।
नारायणपुर जिले सहित समूचे बस्तर संभाग में आयोजित बस्तर ओलंपिक को लेकर रंजिता काफी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाने का एक बेहतरीन माध्यम हैं। पहले दूरस्थ गांवों के अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने के लिए पर्याप्त अवसर और मंच नहीं मिल पाता था, लेकिन अब ऐसे आयोजनों के माध्यम से उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि बस्तर ओलंपिक केवल खेल प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन, मेहनत और आपसी सहयोग की भावना विकसित करने का भी महत्वपूर्ण मंच है। ऐसे आयोजनों से गांव-गांव के बच्चों और युवाओं में खेलों के प्रति आकर्षण बढ़ता है। साथ ही खिलाड़ियों को अपनी कमियों को पहचानने, अनुभव प्राप्त करने और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित होने का अवसर मिलता है।
रंजिता का मानना है कि खेल के क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए प्रतिभा के साथ नियमित अभ्यास, धैर्य और दृढ़ इच्छाशक्ति जरूरी है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने से उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला है। अलग-अलग क्षेत्रों के खिलाड़ियों के साथ प्रतिस्पर्धा करने से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और खेल के प्रति उनका उत्साह भी मजबूत हुआ है। उन्होंने बस्तर ओलंपिक के सफल आयोजन के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। रंजिता ने कहा कि इस तरह के आयोजन से अबूझमाड़ सहित दूरस्थ अंचलों में रहने वाले युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का सुनहरा अवसर मिल रहा है।
इससे स्थानीय खिलाड़ियों को प्रोत्साहन मिलेगा और वे भविष्य में राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि बस्तर ओलंपिक के माध्यम से अनेक नए खिलाड़ी सामने आएंगे और अपनी मेहनत एवं प्रतिभा के दम पर प्रदेश तथा देश में बस्तर अंचल का नाम रोशन करेंगे। ग्राम हिकपाड़ की रंजिता जुर्री की उपलब्धियां यह संदेश देती हैं कि प्रतिभा किसी स्थान या परिस्थिति की मोहताज नहीं होती। यदि सही अवसर, मार्गदर्शन और निरंतर अभ्यास मिले तो दूरस्थ गांवों के खिलाड़ी भी राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकते हैं।