रिपोर्ट ऋषभ कुमार सम्पादक छत्तीसगढ़ पहट

कोहकापाल-जगदलपुर, बस्तर (छत्तीसगढ़)
जहां अवैध रेत खनन पर रोक के लिए NGT और सुप्रीम कोर्ट के आदेश हैं, वहीं बस्तर में सारा सिस्टम ही उल्टा चलता दिख रहा है।
कोहकापाल लिटिगुड़ा पारा से तीन महीने पहले खनिज विभाग ने जो रेत जप्त की थी, वही रेत अब चार बड़े माफिया गिरोह के कब्जे में है।
ये गिरोह रोजाना 20 ट्रक और सैकड़ों ट्रैक्टर से जप्त रेत को जगदलपुर के नामी ठेकेदारों-बिल्डरों तक सप्लाई कर रहे हैं — वह भी खुलेआम!
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⚡ विभाग सो रहा है — माफिया जाग रहे हैं!
स्थानीय लोगों ने बताया कि विभाग के अफसर ऑफिस से बाहर फील्ड विजिट तक नहीं करते, फोन तक नहीं उठाते — और माफिया इसी ढील में दिन-रात बेधड़क रेत का कारोबार चला रहे हैं।
गांव वालों के मुताबिक, यह सब कुछ खनिज विभाग के संरक्षण में ही संभव हो रहा है।
> “चोरी भी उनकी, पहरेदारी भी उनकी — कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता!” — ग्रामीणों का आरोप
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जप्त रेत का धड़ल्ले से परिवहन — पुख्ता सबूत भी मौजूद
हमारे स्टिंग ऑपरेशन में रेत परिवहन करते हाइवा, ट्रक और ट्रैक्टर के वीडियो भी सामने आए हैं।
गांव कोहकापाल से रात-दिन अवैध रेत उठाकर जगदलपुर शहर में बेची जा रही है — लेकिन विभाग न कोई कार्रवाई करता है, न जिम्मेदारी तय करता है।
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❗ प्रशासन के रवैये पर बड़े सवाल
✅ तीन महीने में जप्त रेत आधी से ज्यादा गायब — लेकिन FIR नहीं!
✅ धड़ल्ले से ट्रक-ट्रैक्टर चल रहे हैं — पर वाहनों की जब्ती नहीं!
✅ माफियाओं के मोबाइल नंबर और लोकेशन विभाग के पास — लेकिन फोन तक नहीं उठाते!
✅ कोई अधिकारी फील्ड विजिट नहीं करता — सब कुछ कागजों में कार्रवाई!
✅ गांव के कोटवार से लेकर इंस्पेक्टर तक आरोपों के घेरे में — फिर भी विभाग चुप क्यों?
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क्यों नहीं जाग रहा खनिज विभाग?
जब रेत माफिया रोज़ 20 ट्रक और सैकड़ों ट्रैक्टर रेत शहर ले जा रहे हैं, तो सवाल उठता है:
क्या खनिज विभाग और स्थानीय प्रशासन को इस गोरखधंधे की भनक नहीं?
या फिर विभाग जानबूझकर माफियाओं को संरक्षण दे रहा है?
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⚖️ जनता की मांग — अब जवाबदेही तय हो!
✅ NGT गाइडलाइन के तहत जप्त रेत चोरी करने वालों पर कड़ी धाराओं में केस दर्ज हो।
✅ 20 ट्रक, हाइवा और ट्रैक्टरों को तुरंत जब्त कर राजसात किया जाए।
✅ कोहकापाल डंप यार्ड की 24×7 सुरक्षा के लिए गार्ड और CCTV अनिवार्य हों।
✅ कोटवार, संबंधित खनिज निरीक्षक, अधिकारी और ठेकेदारों की CBI या EOW जांच हो।
✅ फोन न उठाने और फील्ड विजिट न करने वाले अफसरों पर कार्यवाही और निलंबन हो।
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अब जनता बोलेगी — ‘माफिया राज’ नहीं चलेगा!
> “चार माफिया, 20 ट्रक, सैकड़ों ट्रैक्टर — लेकिन कार्रवाई ZERO!”
जनता अब चुप नहीं बैठेगी!
अगर विभाग आंख मूंदे रहेगा तो जनता वीडियो सबूतों के साथ न्यायालय और NGT में शिकायत करेगी।
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