Report Rishabh Kumar

“बस्तर में हर्बल होली का संदेश – वोकल फॉर लोकल को दें समर्थन!”

जगदलपुर, 13 मार्च 2025: होली के शुभ अवसर पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा प्राकृतिक हर्बल गुलाल का निर्माण किया गया। इस पहल को समर्थन देने के लिए कलेक्टोरेट परिसर, जगदलपुर में विशेष स्टॉल लगाया गया, जहां महिलाओं द्वारा निर्मित हर्बल गुलाल और होली सामग्री जनता के लिए उपलब्ध कराई गई।

इस स्टॉल का कलेक्टर श्री हरिस एस और जिला पंचायत सीईओ श्री प्रतीक जैन ने निरीक्षण किया। उन्होंने महिला समूहों से बातचीत कर उनके उत्पादों की गुणवत्ता और बाज़ार में उनकी उपलब्धता को लेकर जानकारी ली। कलेक्टर श्री हरिस एस ने कहा—

“स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना एक सराहनीय कदम है। उनके उत्पाद न केवल गुणवत्तापूर्ण हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त कर रहे हैं।”

वहीं, जिला पंचायत सीईओ श्री प्रतीक जैन ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा—

“प्राकृतिक और हर्बल उत्पादों को बढ़ावा देने से न केवल पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, बल्कि पारंपरिक त्योहारों को स्वस्थ और खुशहाल तरीके से मनाने की भी प्रेरणा मिलेगी।”

पत्रकार महासंघ बस्तर के जिला सचिव श्री ओम साहू का समर्थन

पत्रकार महासंघ बस्तर के जिला सचिव श्री ओम साहू ने भी स्टॉल पर पहुंचकर गुलाल खरीदा और महिला समूहों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने “वोकल फॉर लोकल” अभियान को समर्थन देने की अपील की और कहा—

“केमिकल युक्त गुलाल से एलर्जी, सिरदर्द व त्वचा रोग हो सकते हैं, इसलिए इस होली पर प्राकृतिक हर्बल गुलाल का ही उपयोग करें।”

कार्यक्रम के दौरान महिला समूहों की सदस्यों ने हर्बल गुलाल के फायदों के बारे में बताया और लोगों को रासायनिक गुलाल से बचने की सलाह दी। स्थानीय नागरिकों ने भी स्टॉल पर पहुंचकर हर्बल गुलाल और अन्य होली सामग्री खरीदी और इस पहल की सराहना की।

हर्बल गुलाल के संग मनाएं सुरक्षित और समृद्ध होली!

महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित यह हर्बल गुलाल न केवल त्वचा के लिए सुरक्षित है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण में भी सहायक है।

इस होली, सभी से अपील है कि वे रासायनिक रंगों से बचें और हर्बल गुलाल का उपयोग कर सुरक्षित, स्वास्थ्यवर्धक और खुशहाल त्योहार मनाएं। आइए, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण की इस पहल को अपनाकर एक सकारात्मक बदलाव का हिस्सा बनें!

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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