जगदलपुर, 12 मार्च 2025 – राज्य सरकार की पहल और ओडिशा सरकार के सहयोग से जोरा नाला कंट्रोल स्ट्रक्चर में रेत की बोरियां डालकर जल प्रवाह को नियंत्रित किया गया है। इससे इंद्रावती नदी की मुख्य धारा में पानी की मात्रा बढ़ेगी, जिससे किसानों और स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जल संसाधन मंत्री श्री केदार कश्यप ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर. पाटिल को इंद्रावती नदी के जल संकट की जानकारी दी। इसके बाद केंद्र सरकार ने ओडिशा और छत्तीसगढ़ सरकार को समाधान निकालने के निर्देश दिए, जिसके परिणामस्वरूप यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया।

कैसे सुलझी जोरा नाला की समस्या?

  • जोरा नाला कंट्रोल स्ट्रक्चर में एक फीट की ऊंचाई बढ़ाकर जल प्रवाह को नियंत्रित किया गया।
  • इंद्रावती नदी में जमा रेत को हटाने का कार्य शुरू, अप्रैल के पहले सप्ताह तक पूरा होने की संभावना।
  • स्थानीय किसानों को जिला प्रशासन ने दी जानकारी, कलेक्टर श्री हरिस एस के मार्गदर्शन में बैठक आयोजित।

क्या है जोरा नाला विवाद?

  • इंद्रावती नदी का एक बड़ा हिस्सा जोरा नाला के रूप में ओडिशा में बहकर शबरी (कोलाब) नदी में मिल जाता है, जिससे इंद्रावती का जल प्रवाह कम हो जाता है
  • 2003 में ओडिशा और छत्तीसगढ़ सरकारों के बीच समझौता हुआ था कि पानी के बंटवारे के लिए एक स्थायी कंट्रोल स्ट्रक्चर बनाया जाएगा।
  • 2016 में स्ट्रक्चर तैयार हुआ, लेकिन ओडिशा द्वारा पानी के ज्यादा दोहन से छत्तीसगढ़ को कम पानी मिल रहा था
  • अब सरकार की पहल से इस समस्या का समाधान शुरू हो चुका है

छत्तीसगढ़ को होगा बड़ा फायदा

  • इंद्रावती नदी में जल प्रवाह बढ़ने से किसानों को सिंचाई के लिए अधिक पानी मिलेगा
  • नदी के आसपास भूजल स्तर में सुधार होगा
  • गर्मियों में जल संकट की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद

सरकार और प्रशासन के इस ठोस प्रयास से इंद्रावती नदी में जल संकट को काफी हद तक दूर किया जा सकेगा। आने वाले समय में स्थायी समाधान के लिए और भी ठोस कदम उठाए जाएंगे

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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