बस्तर संभाग में पहली बार एक मोस्ट वांटेड पुराने नक्सली ने पुलिस और मीडिया के सामने बड़े एवं बाहरी नक्सली लीडर्स की सच्चाई उजागर कर दी। दिनेश पोड़ियम नामक इस नक्सली ने आत्मसमर्पण के बाद खुलासा किया कि बाहरी नक्सली लीडर बस्तर के आदिवासियों का उपयोग केवल अपने स्वार्थ के लिए कर रहे हैं और यहां से धन लूटकर अपने घर भर रहे हैं।
सरेंडर के बाद दिनेश पोड़ियम की अपील
दिनेश ने कहा— “आज मुझे ऐसा लग रहा है कि मैं अंधेरे से उजाले में आ गया हूं। मैं अपने सभी नक्सली भाई-बहनों से अपील करता हूं कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट आएं और शासन की योजनाओं का लाभ उठाएं।”
एसपी बीजापुर की बड़ी अपील
बीजापुर एसपी डॉ. जितेंद्र यादव ने बताया कि सरकार की पुनर्वास नीति, भूमि, घर और नौकरी जैसी सुविधाओं ने आत्मसमर्पण करने वालों को आकर्षित किया है। कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत अब भटके हुए नक्सलियों को वापस लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार द्वारा 25-25 हजार रुपये की नगद प्रोत्साहन राशि भी दी गई।
बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ बड़ी कामयाबी!
दिनेश पोड़ियम का आत्मसमर्पण नक्सल उन्मूलन की दिशा में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। यह घटना दर्शाती है कि अब नक्सली भी बाहरी लीडर्स के असली चेहरे को पहचानने लगे हैं और शांति की ओर लौटने के लिए तैयार हैं।