रिपोर्ट –जय शंकर पांडे

नगरनार में परिवहन समितियों के खिलाफ विरोध में उतरे गाड़ियों के मालिक

15 दिवस में व्यवस्था दुरुस्त नही होने पर वाहन मालिक जिला प्रशासन को सौपेंगे वाहन- वाहन मालिक

3 जून 2026, जगदलपुर:-  बस्तर जिले के जगदलपुर में स्थित नगरनार प्लांट में परिवहन समितियों की अनिमियता चरण सीमा पार करते हुए नजर आ रही है। जिसके कारण कई ट्रक – ट्राला मालिको को सड़क पर उतरने के दिन आ गए है।


  बस्तर जिले का गौरव नगरनार स्टील प्लांट के स्थापित होने से बस्तर वासियो को एक नयी आस उम्मीद जो जागी थी, वह अब पूरी टूटती हुई नजर आ रही है। जिसका कारण है कि शहर – गांव के व्यक्तियों द्वारा एक – एक पाई जोड़कर परिवहन का व्यवसाय प्रारंभ करने के लिए फाइनेंस में वाहन खरीदा गया था अब उस वाहन का क़िस्त पटाने के लिये भी उनके पास कोई विकल्प नही बचा है।

आवेदन की प्रति 👆


  नगरनार प्लांट में मॉल का परिवहन करने हेतु जय झाड़ेश्वर परिवहन समिति , बस्तर परिवहन संघ ,  बस्तर ट्रेलर – ट्राला संघ, परिवहन का कार्य कर रहीं है जिसके अंतर्गत अनेको वाहन परिवहन कार्य मे लगे हुए है लेकिन इन समितियों के अनेको कार्य प्रणाली के कारण वाहनों के मालिकों को अब अपनी वाहन चलाने में मशक्कत करना पड़ रहा है।
   इन समितियों के द्वारा–

(1) पैनल में चल रही वाहनों का संचालन सही ढंग से नही किया जा रहा है।
(2) समितियों द्वारा तय निर्धारित दर पर गाडी मालिको को भाड़ा नही दिया जा रहा है।
(3) समितियों द्वारा निर्धारित की गई समय सीमा के अंदर वाहन मालिकों को भाड़ा नही दिया जा रहा है।
(4) स्थानीय ( जिला बस्तर ) के लोगो की उपेक्षा कर अन्य जिला , संभाग एवम प्रदेश की गाड़ियों को चैनल में जोड़ा गया है।
(5) समितियों द्वारा बाहरी 16 चक्का वाहनों का संचालन किया जा रहा है।
(6)सभी 16 चक्का क्षेत्रीय वाहनों का प्लांट में माल लोडिंग के लिए सही तरीको से निर्धारण नही किया जा रहा है।
(7) विगत कुछ महीनों पहले बिना किसी मापदंड के चैनल में ट्रेलर की संख्या बढ़ा दी गयी है।
   इन सभी विषयों को ले कर 150 से अधिक वाहनों के मालिकों ने समितियों से परेशान हो कर बैठक कर बस्तर सांसद, जगदलपुर विधायक – भाजपा प्रदेशाध्यक्ष, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष – पूर्व सांसद , जिला प्रशासन, को पत्र लिखकर इस मामलों से अवगत कराया है।
   सभी वाहनों के मालिकों ने 15 दिवस के भीतर इन सभी अनियमितताओ को सही करने के लिए गुहार लगाया है।
   15 दिवस के भीतर अगर यह व्यवस्था दुरुस्त नही होती है तो सभी वाहन मालिक अपने वाहन को जिला प्रशासन को सुपुर्द करेंगे।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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