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लोक संस्कृति, रोमांच और परंपरा का अनूठा संगम!

जगदलपुर | ओम साहू
बस्तर की लोकसंस्कृति को संजोने और उसे वैश्विक मंच देने के उद्देश्य से आयोजित चित्रकोट महोत्सव 2025 का आगाज भव्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ। यह दो दिवसीय महोत्सव न केवल मनोरंजन का मंच है, बल्कि स्थानीय कलाकारों, कारीगरों और पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर भी है।

सांसद महेश कश्यप ने कहा:

“चित्रकोट महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि बस्तर की पहचान को नई ऊंचाई देने का एक मंच है। यहां की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को दुनिया के सामने लाने और स्थानीय कलाकारों को प्रोत्साहित करने के लिए यह एक बेहतरीन पहल है।”

संस्कृति और रोमांच का संगम!

➡ पारंपरिक नृत्य और संगीत: गोंडी नृत्य, बैगा नृत्य, मांदरी नृत्य और ढोल-वादन
➡ लोकगायन: प्रसिद्ध गायक अनुराग शर्मा ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया
➡ खेल और रोमांच: पैरामोटर राइड, नौकायन और पारंपरिक खेल
➡ हस्तशिल्प और व्यंजन: डोकरा कला, बांस शिल्प, मड़िया रोटी, साल्फी और चापड़ा चटनी

बस्तर बनेगा सांस्कृतिक पर्यटन का हब!

सरकार ने इस महोत्सव को वार्षिक आयोजन के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है, जिससे बस्तर को सांस्कृतिक पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके।

 तो देर किस बात की? आइए चित्रकोट महोत्सव का हिस्सा बनें और बस्तर की समृद्ध परंपराओं का अनुभव करें!

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By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008