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जगदलपुर । आम आदमी पार्टी की प्रदेश सचिव और बस्तर की वरिष्ठ महिला नेत्री, तरुणा साबे ने छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शराब की कीमतें घटाने और शराब बिक्री को बढ़ावा देने के निर्णय पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सवाल उठाया कि क्या भाजपा की कोई महिला नेत्री इतनी साहसिक है कि वह शराबखोरी के खिलाफ आवाज उठाए और इसे रोकने के लिए कदम उठाए।

तरुणा साबे ने कहा कि इस समय देश की महामहिम राष्ट्रपति एक महिला हैं, और भाजपा के सत्ता में होने के बावजूद देशभर में महिलाओं की सक्रियता और नेतृत्व को शराब जैसी सामाजिक समस्या पर कार्रवाई करने के लिए प्रेरित नहीं किया गया है। यह बेहद शर्मनाक है कि भाजपा की महिलाएं इस विषय पर चुप हैं, जबकि यह मुद्दा लाखों महिलाओं के लिए रोज़मर्रा की समस्या बन चुका है, और इसके कारण परिवारों में हिंसा, झगड़े और समाज में अव्यवस्था का माहौल उत्पन्न हो रहा है।

उन्होंने प्रशासन से बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर में स्थित शराब दुकानों को प्रमुख सार्वजनिक स्थानों से हटाने की मांग भी की है। उनका कहना है कि शराब दुकानों के पास बच्चों और युवाओं की उपस्थिति न केवल उनकी मानसिकता को प्रभावित करती है, बल्कि समाज में शराब और नशाखोरी को लेकर गलत संदेश भी भेजती है। इससे बच्चों में नशे की आदतें पड़ने का खतरा बढ़ता है, जो भविष्य में घातक परिणाम उत्पन्न कर सकता है।

तरुणा साबे ने इस बात पर भी जोर दिया कि महिलाओं के सशक्तिकरण का केवल एक पहलू राजनीतिक क्षेत्रों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व नहीं है, बल्कि यह उस समाज में प्रत्यक्ष बदलाव लाने के साथ जुड़ा हुआ है, जहां महिलाओं को रोज़ाना शराब, हिंसा और नशे के दुष्परिणामों का सामना करना पड़ता है।

आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को गंभीरता से लेकर, सरकार से आग्रह करती है कि वह शराब बिक्री को लेकर अपनी नीति में बदलाव करे और इसे महिलाओं, बच्चों और पूरे समाज के हित में नियंत्रित करे। साथ ही, शराब की दुकानों को सार्वजनिक स्थानों से दूर करने के कदम उठाए, ताकि बच्चों और परिवारों को इससे होने वाली मानसिक और शारीरिक हानि से बचाया जा सके।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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