रिपोर्ट: ओम साहू

जगदलपुर, 13 मई 2025:
छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में तैनात ड्रग इंस्पेक्टर सौरभ जैन के खिलाफ पत्रकार ओमप्रकाश साहू द्वारा की गई गंभीर शिकायत को आज 1 महीने से ज्यादा हो चुका है, लेकिन अब तक न तो कोई सुनवाई हुई, न कोई जांच। शिकायत में भ्रष्टाचार, आवेदन अस्वीकार और मानसिक उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप हैं, फिर भी जिला प्रशासन की चुप्पी हैरान करने वाली है।

शिकायत का ब्योरा:
1 अप्रैल से 10 अप्रैल तक आवेदन देने की कोशिश के बावजूद ड्रग इंस्पेक्टर सौरभ जैन ने बार-बार टालमटोल किया और आवेदन स्वीकार नहीं किया। अंततः 11 अप्रैल को कलेक्टर बस्तर को लिखित शिकायत दी गई, साथ ही पीएमओ, पीजी पोर्टल और कमिश्नर को भी जानकारी दी गई। फिर भी 40 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक आवेदन की रिसीविंग तक नहीं दी गई।

वहीं दूसरी ओर, लालबाग में ही एक मेडिकल स्टोर को सिर्फ 40,000 रुपये में बिना मुलाकात और निरीक्षण के, मात्र एक सप्ताह में ड्रग लाइसेंस जारी कर दिया गया। यह भी सौरभ जैन द्वारा ही किया गया — इससे भ्रष्टाचार का स्तर और साफ नजर आता है।

प्रशासनिक लापरवाही या संरक्षण?
आज जब शिकायतकर्ता ओमप्रकाश साहू ने कलेक्टर एस. हरीश से फिर मुलाकात की, तो जवाब मिला कि “ड्रग इंस्पेक्टर विनय ठाकुर हैं”, जबकि असल में सौरभ जैन प्रभार में हैं और छुट्टी पर चल रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है: काम कौन कर रहा है और जवाबदेही किसकी है?

एडीसी नगवंशी तक फोन नहीं उठा रहे
शिकायतकर्ता का कहना है कि प्रभारी एडीसी नगवंशी से संपर्क करना असंभव हो गया है। अगर एक पत्रकार को ही 40 दिन तक टहलाया जा सकता है, तो आम जनता के लिए न्याय की उम्मीद बेमानी है।

क्या यही है सुशासन?
जब प्रधानमंत्री कार्यालय तक शिकायत पहुंचने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होती, तो यह न केवल सवाल उठाता है बल्कि डर को समाप्त करता है। सौरभ जैन जैसे अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई न होना सुशासन के दावों की पोल खोलता है।

निष्कर्ष:
यदि एक ड्रग लाइसेंस ₹3000 की सरकारी फीस के बावजूद ₹40,000 में बिना निरीक्षण के जारी हो सकता है, और 40 दिन बाद भी एक सही आवेदन स्वीकार नहीं किया जाता, तो यह व्यवस्था आम जनता से नहीं बल्कि रिश्वत के इशारे पर चल रही है।

Tags: #BastarNews #Corruption #DrugInspector #Jagdalpur #Chhattisgarh #PressFreedom
Published by: Dabang Keshari beuro jagdalpur  www.cgpahat.in

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

Leave a Reply