रायपुर, 17 मई 2025
रिपोर्ट: Rishabh Kumar
भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) ने “विकसित कृषि संकल्प अभियान (VKSA) 2025” नामक एक राष्ट्रव्यापी प्री-खरीफ अभियान का शुभारंभ किया है। यह अभियान 29 मई से 12 जून 2025 तक चलेगा और इसका लक्ष्य देश के 700 जिलों के लगभग 1.5 करोड़ किसानों तक पहुँचना है।
इस अभियान में केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर 2,000 से अधिक बहु-विषयक टीमों को तैनात करेंगी। हर टीम प्रतिदिन तीन किसान संवाद बैठकें आयोजित करेगी, जिससे 10-12 लाख किसानों से प्रतिदिन संपर्क स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में अभियान का संचालन
छत्तीसगढ़ में VKSA सभी विकासखंडों में आयोजित किया जाएगा। इसका समन्वय ICAR-राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान (NIBSM), रायपुर द्वारा किया जा रहा है।
डॉ. पी. के. राय, निदेशक, ICAR-NIBSM ने बताया कि इस अभियान में कृषि विज्ञान केंद्रों (KVKs) के वैज्ञानिकों के साथ-साथ कृषि, बागवानी, पशुपालन और मत्स्य विभागों के अधिकारी भी सम्मिलित हैं। क्षेत्रीय स्तर पर जनप्रतिनिधि और प्रगतिशील किसान भी सक्रिय रूप से भाग लेंगे।
डॉ. राय ने कहा कि किसानों की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए आईसीटी उपकरणों और दृश्य मीडिया का भरपूर उपयोग किया जाएगा। उन्होंने इस अभियान को वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक अहम पहल बताया और सभी किसानों से इसमें सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
मुख्य फोकस क्षेत्र
छत्तीसगढ़ में प्रतिदिन 2-3 चयनित ग्राम पंचायतों में फील्ड टीमें किसानों से सीधे संवाद करेंगी। प्रमुख गतिविधियाँ इस प्रकार होंगी:
धान की सीधी बुवाई को बढ़ावा
कीटनाशकों के लिए ड्रोन तकनीक का उपयोग
प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन
उन्नत बीज किस्मों का प्रचार
उर्वरकों का संतुलित उपयोग
राज्य प्रायोजित योजनाओं की जानकारी व लाभ
इन पहलों से न केवल किसानों की समस्याओं की पहचान होगी, बल्कि तकनीकी नवाचारों और नीति निर्माण के लिए उपयोगी डेटा भी प्राप्त किया जा सकेगा।
निगरानी और मूल्यांकन
VKSA 2025 की प्रगति और प्रभावशीलता की निगरानी की जिम्मेदारी ICAR-NIBSM, रायपुर को दी गई है। यह संस्थान राज्यभर में गतिविधियों का मूल्यांकन कर भविष्य के कृषि अनुसंधान और योजनाओं के लिए मार्गदर्शन प्रदान करेगा।