रिपोर्ट: ओम साहू
जगदलपुर, 19 मई 2025 – हाल ही में एक स्थानीय समाचार पत्र में प्रकाशित रिपोर्ट में यह दावा किया गया कि लाला जगदलपुरी जिला ग्रंथालय से 50 कंप्यूटर गायब हैं और विद्यार्थियों को बदहाल व्यवस्था के बीच पढ़ाई करनी पड़ रही है। इस खबर की वास्तविकता क्या है, आइए जानते हैं जिम्मेदार अधिकारियों और विद्यार्थियों से मिली जानकारी के आधार पर।
अधिकारियों ने दी स्पष्ट जानकारी
जिला शिक्षा अधिकारी एवं ग्रंथालय सचिव श्री बी.आर. बघेल ने बताया कि ग्रंथालय में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि सिविल सेवा, राज्य लोक सेवा आयोग सहित अन्य प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक पुस्तकें, मासिक-पाक्षिक पत्रिकाएं और इंटरनेट सुविधा उपलब्ध है। ई-लर्निंग के लिए कंप्यूटर भी पर्याप्त मात्रा में मौजूद हैं।
युवाओं ने क्या कहा?
ग्रंथालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों ने भी व्यवस्थाओं की पुष्टि की।
आकांक्षा प्रसाद कश्यप, जो NEET परीक्षा दे चुकी हैं और अब B.Sc. नर्सिंग की तैयारी कर रही हैं, ने बताया कि यहां इंटरनेट की अच्छी सुविधा है जिससे वे ऑनलाइन पढ़ाई कर पा रही हैं।
शुभम राय, जो सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, ने कहा कि जरूरी किताबें उपलब्ध हैं लेकिन नवीन संस्करण की कुछ पुस्तकों की आवश्यकता है।
समर गुप्ता, GATE की तैयारी कर रहे हैं, ने बताया कि पहले इंटरनेट में थोड़ी समस्या थी, लेकिन अब वह पूरी तरह दुरुस्त है।
विपिन यादव, CGPSC के परीक्षार्थी, ने बताया कि ऑनलाइन मटेरियल से उन्हें काफी सहायता मिल रही है।
नोडल अधिकारी ने रखे तथ्य
नोडल अधिकारी श्री अखिलेश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि ग्रंथालय के ई-लर्निंग सेंटर में 112 सीटिंग क्षमता के अनुपात में 81 कंप्यूटर शुरू में ही स्थापित किए गए थे। वर्तमान में 52 कंप्यूटर पढ़ाई के लिए उपयोग में हैं, 5 कार्यालयीन कार्यों में, 3 मरम्मत में और कुछ पुराने संस्करण के कंप्यूटर अब उपयोग योग्य नहीं रहे।
उन्होंने बताया कि इंटरनेट एवं वाई-फाई सेवा सातों दिन 24 घंटे उपलब्ध है और किसी भी तकनीकी गड़बड़ी को शीघ्र ठीक किया जाता है। ग्रंथालय पूरी तरह शिक्षा विभाग द्वारा संचालित है और अभी तक किसी कर्मचारी पर पाठकों से दुर्व्यवहार की कोई शिकायत नहीं मिली है।
अन्य व्यवस्थाएं और भविष्य की योजना
सफाई व्यवस्था नियमित रूप से वैकल्पिक प्रबंधों द्वारा की जा रही है। जल्द ही निविदा प्रक्रिया के बाद स्थायी एजेंसी नियुक्त की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था भी सुदृढ़ है।
ग्रंथालय में प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित 671 किताबें हैं और कुल मिलाकर 28,000 किताबें मौजूद हैं।
नई किताबों की खरीद प्रक्रिया चल रही है, जिससे नवीन संस्करण शीघ्र उपलब्ध होंगे।
कुछ फर्नीचर की मरम्मत भी की जा रही है।
उच्चाधिकारियों के निर्देशों का पालन करते हुए व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जा रहा है।
निष्कर्ष
समाचार पत्र में प्रकाशित खबर के विपरीत, ज़मीनी हकीकत यह है कि लाला जगदलपुरी ग्रंथालय में छात्रों के लिए पढ़ाई के पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं। कुछ तकनीकी या प्रबंधकीय चुनौतियाँ जरूर हैं, लेकिन उन्हें जिम्मेदार अधिकारी सुधारने के लिए प्रयासरत हैं।