सीबीआई ने खोली रैकेट की परतें
देश में मेडिकल कॉलेजों की मान्यता और निरीक्षण प्रक्रिया में रिश्वत, फर्जीवाड़ा और ‘रेट कार्ड’ सिस्टम के जरिये हजारों करोड़ की लूट का पर्दाफाश हुआ है। फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन डॉ. मोंटू पटेल 5400 करोड़ के घोटाले में परिवार सहित कनाडा भागने की फिराक में थे लेकिन पकड़े गए।

मंत्रालय, एनएमसी और यूजीसी के अफसरों की मिलीभगत
सीबीआई जांच में मंत्रालय, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के कई अधिकारियों के घूसखोरी रैकेट में शामिल होने के सबूत मिले हैं। निजी मेडिकल कॉलेजों को फर्जी मान्यता देने और इंस्पेक्शन रिपोर्ट में हेराफेरी कर मोटी रिश्वत ली गई।
फर्जी इंस्पेक्शन, रेट कार्ड से कॉलेजों को उगाही
कथित तौर पर प्रति कॉलेज 15 लाख से 1 करोड़ रुपये तक की डील फिक्स की जाती थी। वहीं एनएमसी ने रिश्वत के आरोप में कई सीनियर अफसरों को रिमूव कर दिया है और दागी इंस्पेक्टरों को ब्लैकलिस्ट किया गया है।
पूर्व यूजीसी चेयरमैन भी घेरे में
यूजीसी के पूर्व चेयरमैन वीपी सिंह पर भी सीबीआई की जांच चल रही है।
देश की मेडिकल शिक्षा व्यवस्था की साख को लगा बड़ा झटका!
सीबीआई ने घोटाले के मास्टरमाइंड के साथ कई रसूखदार मेडिकल कॉलेज संचालकों, एजेंट्स और अफसरों पर शिकंजा कस दिया है।
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