🗓️ जगदलपुर, बस्तर | रिपोर्ट: ऋषभ कुमार
📍 स्थान: ग्राम पंचायत तिरिया व कालागुड़ा, जनपद पंचायत जगदलपुर, जिला बस्तर (छ.ग.)


🔴 5 वर्षों से पंचायत फंड का खुला दुरुपयोग – ग्रामीणों ने किया पर्दाफाश

ग्राम पंचायत तिरिया एवं कालागुड़ा में वर्ष 2020 से 2025 तक 15वें वित्त आयोग, ग्राम पंचायत निधि, मनरेगा तथा अन्य योजनाओं के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च दर्शाए गए — पर मौके पर अधिकांश कार्य अधूरे या शून्य हैं।

📌 स्थानीय ग्रामीणों और छत्तीसगढ़ पहट के सम्पादक ऋषभ कुमार तावड़े द्वारा मौके पर की गई जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए है

📌 जमीनी हकीकत बनाम कागजी दिखावा

✅ दावा (रिकॉर्ड में) ❌ हकीकत (जमीनी निरीक्षण में) पंचायत भवन बाउंड्री और नाली निर्माण पूर्ण कहीं नाली नहीं, कहीं सोखता गड्ढा भी नहीं! शौचालय निर्माण पूरा कागज में शौचालय, ज़मीन पर नहीं! विद्यालय रंगाई, पंचायत भवन मरम्मत एक बूंद रंग नहीं, पुरानी हालत जैसी की तैसी!

पंचायत भवन बाउंड्री वाल बनाए ही नहीं
पंचायत भवन नाली निर्माण हुआ ही नहीं

📚 नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं

  • छ.ग. पंचायत संहिता के अनुसार, हर निर्माण के पूर्व ग्रामसभा की मंजूरी जरूरी
  • GPS लोकेशन, फोटोग्राफ, साइट बोर्ड, MB, ऑडिट रजिस्टर अनिवार्य
  • ❌ यहां किसी भी मानक का पालन नहीं किया गया

🧑‍⚖️ कौन-कौन जिम्मेदार? ग्रामीणों की मांग पर कार्रवाई हो —

  • 👉 ग्राम सचिव – अरुण सेठिया
  • 👉 जनपद पंचायत अभियंता (JE)
  • 👉 तकनीकी सहायक
  • 👉 जनपद पंचायत CEO, जगदलपुर
  • 👉 संबंधित जनप्रतिनिधि / सरपंच

ग्रामीणों का आरोप: “इन सबने मिलकर योजनाओं की राशि आपस में बांट ली और कागजों में काम दर्शाकर भुगतान कर दिया।”

📣 ग्रामीणों की 5 प्रमुख मांगें

  1. तत्काल पंचायत के सभी कार्यों की जांच
  2. संबंधित सचिव, अभियंता, अधिकारी का निलंबन
  3. ग्रामसभा में पब्लिक ऑडिट कर पत्रकार के ग्रामीणों के सामने फर्जीवाड़ा उजागर करना
  4. फर्जी कार्यों की राशि वसूली
  5. पंचायत विभाग जिला पंचायत सीईओ या कलेक्टर से प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कार्रवाई

छत्तीसगढ़ के पहट न्यूज संपादक रिशभ कुमार तावड़े ने कहा —
“अगर 15 दिनों में जांच शुरू नहीं हुई, तो जनपद घेराव, कोर्ट और लोकायुक्त में याचिका दाखिल की जाएगी।”

📺 इस मामले की वीडियो रिपोर्ट पार्ट 2 जल्द


🔔 अब देखना यह है कि जिला पंचायत CEO व प्रशासन इस भ्रष्टाचार पर क्या कार्रवाई करते हैं?

“पैसा हमारा, हक़ भी हमारा!” — ग्रामीणों ने किया ऐलान: अब चुप नहीं बैठेंगे!

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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