 रिपोर्ट: ऋषभ कुमार सम्पादक
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 बस्तर, किंजौली –
बस्तर जिले के किंजौली क्षेत्र में जंगलों के भीतर बड़े पैमाने पर अवैध मुरूम खनन किया जा रहा है। न खनिज विभाग से अनुमति, न SDM कार्यालय से कोई परमिशन, फिर भी जंगल की जमीन को 12 ट्रैक्टर और एक JCB मशीन के जरिए लगातार खोदा जा रहा है।

 बिना वैध परमिशन के खनन करना छत्तीसगढ़ खनिज नियम 2015 और भारतीय वन अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। किंजौली में यह कार्यवाही एक सुनियोजित माफिया नेटवर्क की ओर इशारा करती है, जो सरकारी नियमों को ठेंगा दिखा रहा है।

उपसरपंच फूलसिंह का कहना है परमिशन नि लिए है ऐसी खोद रहे है

️ स्थानीय ग्रामीणों का बयान:

> “हम सुबह से जेसीबी और ट्रैक्टरों को जंगल में जाते देख रहे हैं, कोई रोकने वाला नहीं है।” सब ट्रैक्टर जेसीबी जप्त कर fir हो
– ग्रामवासी, नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर।

 प्रशासन और खनिज विभाग की चुप्पी पर सवाल
इस अवैध खनन के पीछे प्रशासन की लापरवाही या मिलीभगत की भी आशंका जताई जा रही है। सवाल यह है कि जब ये मुरूम ट्रैक्टरों में भरकर गांव से गुजर रहे हैं, तब SDM, तहसीलदार, खनिज अधिकारी और वन अमला चुप क्यों है?

 क्या कहते हैं खनन नियम:

बिना लाइसेंस खनन करना अपराध है – सजा और जुर्माने का प्रावधान

पर्यावरणीय मंजूरी जरूरी

वन क्षेत्र में खनन हेतु वन विभाग की अनुमति अनिवार्य

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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