🔥 STING OPERATION | आबकारी कानून की खुलेआम धज्जियाँ 🔥
आबकारी एक्ट की धज्जियाँ उड़ाकर फल-फूल रहा अवैध शराब कारोबार — सवालों के घेरे में थाना प्रभारी, आबकारी उड़नदस्ता और सरकार
लोहण्डीगुड़ा ब्लॉक, जिला बस्तर — छत्तीसगढ़ सरकार जहां सुशासन और कानून व्यवस्था के दावे कर रही है, वहीं जमीनी हकीकत इन दावों को आईना दिखा रही है। लोहण्डीगुड़ा ब्लॉक में अवैध शराब का कारोबार न सिर्फ फल-फूल रहा है, बल्कि पुलिस और आबकारी विभाग की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
📌 कहां-कहां चल रहा है अवैध शराब का खेल?
- श्री धर कश्यप – ग्राम गढ़िया
- कश्यप ढाबा – ग्राम छापर (भानपुरी)
- झोईगा ढाबा – ग्राम बड़ाजी
- कश्यप ढाबा – ग्राम बड़ाजी
इन ढाबों में आबकारी अधिनियम 1915 का खुलेआम उल्लंघन करते हुए न केवल शराब बेची जा रही है, बल्कि ग्राहकों को बैठाकर शराब पिलाई जा रही है, जो कानूनन गंभीर अपराध है।
⚖️ क्या कहता है आबकारी कानून?
छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के अनुसार —
- ❌ ढाबा / होटल में बिना लाइसेंस शराब पिलाना अपराध
- ❌ MRP से अधिक दर पर शराब बेचना दंडनीय
- ❌ दूसरे राज्य की शराब बेचना गैरकानूनी
- ❌ अवैध बिक्री पर पुलिस व आबकारी की त्वरित कार्रवाई अनिवार्य
लेकिन सवाल यह है — जब नियम स्पष्ट हैं, तो कार्रवाई क्यों नहीं?
💰 “मंथली सिस्टम” का आरोप — कौन बचा रहा है?
स्थानीय कोचियों और सूत्रों के अनुसार, ढाबा संचालकों द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि —
- थाना प्रभारी बड़ंजी एवं उसरीबेड़ा को ₹3,000 से ₹10,000 प्रतिमाह
- आबकारी उड़नदस्ता टीम को ₹3,000 से ₹5,000 प्रतिमाह
- रकम कंगोली शराब दुकान के सुपरवाइजर शिवम् सिंह के माध्यम से
इसी कथित “सेटिंग सिस्टम” के चलते MRP से ₹300 तक महंगी शराब बेची जा रही है और कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
🗣️ विधायक का आरोप — फिर भी चुप्पी क्यों?
चित्रकूट विधानसभा के विधायक विनायक गोयल द्वारा भी कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद न पुलिस हरकत में आई, न ही आबकारी विभाग। इससे प्रशासनिक मिलीभगत की आशंका और गहरी हो जाती है।
🚨 सवाल सरकार से
- क्या यह सब अधिकारियों की जानकारी के बिना संभव है?
- क्या आबकारी और पुलिस विभाग कानून से ऊपर हो चुके हैं?
- क्या यही है छत्तीसगढ़ का सुशासन मॉडल?
अब देखने वाली बात यह है कि सरकार दोषियों पर कार्रवाई करती है या फिर बस्तर में यूं ही अवैध शराब, भ्रष्टाचार और अपराध को संरक्षण मिलता रहेगा।
📌 नोट: यह समाचार स्टिंग ऑपरेशन, हमारे समक्ष बयानों और आरोपों पर आधारित है। निष्पक्ष जांच के बाद ही अंतिम कार्यवाही सामने आएगा?
रिपोर्ट: ओम साहू
cgpahat न्यूज
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