रिपोर्ट –जय शंकर पांडे



दिव्यांगों के प्रति संवेदनशील बस्तर सांसद,ग्राम बेंगलुर की राखी को मिली इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर

2 मई 2026, जगदलपुर : जनसेवा और अंत्योदय के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए बस्तर सांसद महेश कश्यप ने एक बार फिर संवेदनशीलता का परिचय दिया है। ग्राम पंचायत कैकाचेरबहार के आश्रित ग्राम बेंगलुर की निवासी दिव्यांग कुमारी राखी के जीवन में आए अंधियारे को दूर करते हुए सांसद ने उन्हें अत्याधुनिक इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर भेंट की है। इस सहायता के बाद अब राखी को अपनी दैनिक जरूरतों और आवागमन के लिए किसी अन्य पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।



ज्ञात हो कि कुमारी राखी लंबे समय से चलने फिरने में असमर्थ थीं, जिससे उनकी सामाजिक और व्यक्तिगत गतिविधियाँ पूरी तरह प्रभावित हो रही थीं। जब यह मामला सांसद महेश कश्यप के संज्ञान में आया, तो उन्होंने बिना विलंब किए राखी की सहायता का निर्णय लिया। सांसद ने स्वयं अपने हाथों से राखी को इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर की चाबी सौंपी और उन्हें इसे चलाने के तरीके के बारे में जानकारी दी।

सांसद श्री कश्यप ने कहा कि दिव्यांगजन हमारे समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। उन्होंने आगे कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर चल रही है। मेरा प्रयास है कि बस्तर के सुदूर वनांचल क्षेत्रों में रहने वाला कोई भी दिव्यांग खुद को असहाय महसूस न करे। बिटिया राखी को दी गई यह व्हीलचेयर उनके हौसलों को नई उड़ान देगी।

सांसद महेश कश्यप का दिव्यांगों के प्रति यह लगाव नया नहीं है। इससे पहले भी उनके द्वारा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में रहने वाले पात्र दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुसार बैटरी चालित स्कूटी, मैनुअल व्हीलचेयर और अन्य सहायक उपकरण प्रदान किए जा चुके हैं। उनका लक्ष्य है कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से दिव्यांगों के जीवन को सुगम बनाया जा सके ताकि वे समाज की मुख्यधारा में बराबरी से खड़े हो सकें।

इलेक्ट्रिक व्हीलचेयर प्राप्त करने के बाद कुमारी राखी और उनके परिजनों ने सांसद कश्यप का आभार व्यक्त किया है। राखी ने भावुक होते हुए कहा कि अब वे बिना किसी की मदद के घर से बाहर निकल सकेंगी और अपने कार्यों को गति दे सकेंगी। इस दौरान ग्राम पंचायत कैकाचेरबहार के सरपंच और बेंगलुर के ग्रामीणों सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थित थे l

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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