रिपोर्ट –जय शंकर पांडे

केंद्र सरकार द्वारा OBC समाज को जानबूझकर नजरअंदाज करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण
6 मई 2026, जगदलपुर। कांग्रेसी नेता एवं संभागीय अध्यक्ष ओबीसी समाज शंकर सेन ने जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा केंद्र सरकार द्वारा OBC समाज को जानबूझकर नजरअंदाज करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है जातिगत जनगणना में OBC के लिए अलग कॉलम/कालम कोड नहीं देने का विरोध करना केंद्र सरकार की obc विरोधी चेहरा उजागर होता प्रतीत हो रहा है केंद्र सरकार ने 2026-27 की आगामी जनगणना में जातिगत गणना शामिल करने का ऐलान तो कर दिया, लेकिन OBC समाज के साथ फिर से अन्याय किया जा रहा है। जनगणना फॉर्म में SC और ST के लिए अलग कॉलम तो रखा गया है, लेकिन OBC वर्ग के लिए कोई अलग कॉलम या स्पष्ट कालम कोड नहीं दिया गया है। यह OBC समाज को जानबूझकर नजरअंदाज करने और उनके सही आंकड़ों को छिपाने की कोशिश है।OBC समाज देश की आबादी का सबसे बड़ा हिस्सा है। बिहार जैसे राज्यों के सर्वे में OBC और EBC मिलाकर 60% से अधिक आबादी सामने आई है। यदि केंद्र सरकार जातिगत जनगणना कर भी रही है, तो OBC के लिए अलग से कॉलम और स्पष्ट कोड दिए बिना यह गणना अधूरी और पक्षपाती होगी। इससे OBC वर्ग को उनके वास्तविक अनुपात में आरक्षण, शिक्षा, रोजगार और विकास योजनाओं में न्याय नहीं मिल पाएगा।
कांग्रेसी नेता एवं संभागीय अध्यक्ष ओबीसी समाज शंकर सेन ने आगे कहा हमारी सरकार से स्पष्ट मांग करते हैं कि जातिगत जनगणना फॉर्म में OBC वर्ग के लिए अलग कॉलम तुरंत जोड़ा जाए OBC की सभी उप-जातियों के लिए स्पष्ट कालम कोड सुनिश्चित किया जाए, ताकि सटीक गणना हो सके।केंद्र और राज्य OBC सूचियों को मिलाकर एक व्यापक कोड डायरेक्टरी तैयार की जाए।50% आरक्षण की सीमा हटाकर OBC समाज को उनकी आबादी के अनुपात में आरक्षण दिया जाए।जनगणना की प्रक्रिया में कोई राजनीतिक हस्तक्षेप न हो और OBC समुदाय को पूर्ण न्याय मिले।यह केंद्र सरकार का OBC समाज के प्रति पूर्वाग्रह है। जब SC-ST के लिए अलग कॉलम है, तो OBC को अलग कॉलम क्यों नहीं? क्या OBC समाज दूसरे दर्जे का नागरिक है? कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर पूरे देश में OBC समाज के साथ खड़ी है और जरूरत पड़ी तो आंदोलन भी करेगी।हमारी स्पष्ट मांग है कि केंद्र सरकार तुरंत जनगणना फॉर्म में संशोधन कर OBC कॉलम और कोड शामिल करे, अन्यथा यह जनगणना OBC समाज के प्रति अन्यायपूर्ण साबित होगी।