रिपोर्ट –ऋषभ कुमार

कोंडागांव /26 मई 2026, कोण्डागांव जिला के अन्तर्गत आने वाले ग्राम पंचायत तोड़ासी में विगत 20/05/2026 को सुशासन तिहार, समाधान शिविर आयोजित किए गए। जिसका उद्देश्य आम जनमानस की समस्याओं का तत्पर्वित समाधान किया जा सके। किंतु मंच की तस्वीर में सुशासन शिविर का मायने ही बदल कर रख दिया। स्थानीय जनप्रतिनिधि नदारत रहे,। भाजपा की सुशासन तिहार में स्टाल लगाकर बैठे रहे विभागीय अम्ले से ग्रामीण अपनी समस्याओं का समाधान के लिए भटकते रहे । अपितु निराकरण तो नहीं हुआ किंतु कागजों में सुशासन त्योहार जरूर बन गया।

    स्थानीय जनप्रतिनिधि व विभागीय अम्ले की तत्परता व जिम्मेदारी इतनी है कि विगत 2025 के विगत  सुशासन, वह समाधान शिविर में  शिकायत का तो कभी निराकरण नहीं हुआ है, किन्तु मात्र खाना पूर्ति के लिए विभागीय अम्लों द्वारा सम्बंधित विषयों की रसीद दी गई है किंतु समाधान कोसों दूर है। उक्त शिविर में भी जनप्रतिनिधि के रूप में मात्र जिला व जनपद सदस्य व कुछ विभागीय कर्मचारी ही, उपस्थित रहे।

       सत्ताधारी पार्टी के द्वारा आम जनमानस के हित के लिए, सुशासन तिहार के माध्यम से ग्रामीणों का समस्या निवारण करने के लिए शिविर का आयोजन किया जाता है, क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति को तत्काल समस्या का निराकरण उनके ही क्षेत्र में सुशासन तिहार समाधान शिविर के माध्यम से मिलता है। किंतु उक्त शिविर में स्थानीय जिम्मेदार जनप्रतिनिधि गायब  रहे ही, व सभी विभागों के उच्च अधिकारी भी नदारत दिखे।

        विगत वर्ष सुशासन तिहार में आवेदन किया गया था, राजस्व वन अधिकार पट्टे के लिए , जिसमें से 19 बिना निराकृत किए हुए फाइल को जनपद पंचायत से ग्राम पंचायत बड़ेखौली में वापस कर दीया गया। आवेदन वापसी का कारण यह था कि उन फाइलों में 2005 से पहले का अतिक्रमण पंजी एवं P/R कागज संलग्न करना चाहिए था। किंतु विभागीय ऊदासिनता के चलते  आम जनमानस उक्त सुविधा से वंचित हो गए । इससे विभागीय गैर जिम्मेदाराना कार्य प्रणाली को दर्शाती है, उक्त गैर जिम्मेदाराना विभागों व अधिकारियों द्वारा सुशासन त्यौहार जैसे उद्देश्य पूर्ण शिविर को भी फलाप करने में कोई कमी नहीं कर रहे हैं। एक आम जनमानस को शासन प्रशासन द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियांनवन  स्थानीय जनप्रतिनिधि वह अधिकारी गण जिम्मेदारी से नहीं कर रहे हैं, जिसका प्रमाण खाली कुर्सी वह बिना निराकरण हुए मायुस वापस होते ग्रामीणों के चेहरे दिखें, इससे यह साबित होता है कि शासन प्रशासन के द्वारा आयोजित सुशासन तिहार आमजन मानस के लिए मृगतृष्णा साबित हो रही है,।

मात्र खाना पूर्ति करने के लिए वह फोटो खींचने के लिए  शिविर का आयोजन किया जा रहा है, ऐसा प्रतीत होता है। जिसका जीता जागता उदाहरण कोण्डागांव जिले के अन्तर्गत आने वाला 20-5.2026 ग्राम पंचायत ताड़ोकी में आयोजित सुशासन तिहार व समाधान शिविर में देखने को मिला। अब सवाल यह बनता है कि उक्त ग्रामीणों के समस्याओं का समाधान के लिए और कितने शिविरो का आयोजन होगा और ग्रामीण आवेदकों को और कितने साल भटकना पड़ेगा….. विचारणीय विषय है।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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