रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

17 जून 2026, जगदलपुर : आज नई दिल्ली स्थित संसद भवन एनेक्सी में पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय,भारत सरकार द्वारा आयोजित एक महत्वपूर्ण परामर्श बैठक में बस्तर लोकसभा के सांसद महेश कश्यप शामिल हुए। इस बैठक का मुख्य विषय हिमालय क्षेत्र में वन आग इसके प्रतिकूल प्रभाव और उपाय था।
इस उच्च स्तरीय परामर्श बैठक में हिमालयी क्षेत्रों में वनों में लगने वाली आग की बढ़ती घटनाओं पर गहन चिंतन किया गया। बैठक के दौरान महेश कश्यप ने इस चुनौती से निपटने के लिए एक बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया।
बैठक में शामिल उपस्थित सभी जनों ने अपने विचार साझा किए जिसमें वन अग्नि को नियंत्रित करने के लिए मौजूदा नीतियों की समीक्षा और नई,अधिक प्रभावी रणनीतियां तैयार करना था l जिसे न केवल हिमालयी राज्यों, बल्कि देश के अन्य वनाच्छादित क्षेत्रों में भी लागू किया जा सके। वैज्ञानिक अनुसंधान और आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए आग की घटनाओं की पूर्व चेतावनी देने और उन्हें तेजी से बुझाने,ड्रोन और उपग्रह डेटा के उपयोग को बढ़ावा देना। वन संरक्षण में स्थानीय समुदायों की सक्रिय भूमिका को अनिवार्य बनाना, क्योंकि वे वनों की रक्षा की पहली पंक्ति हैं।
इस अवसर पर सांसद महेश कश्यप ने कहा हिमालयी क्षेत्र हमारे पारिस्थितिक तंत्र का महत्वपूर्ण स्तंभ है। वनों में लगने वाली आग न केवल जैव विविधता को नष्ट कर रही है, बल्कि हमारे पर्यावरण के संतुलन को भी बिगाड़ रही है। हमारे जंगलों की रक्षा करना केवल वर्तमान की आवश्यकता नहीं है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्थायी भविष्य सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी भी है।