रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

जगदलपुर, 19 जून 2026/ अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह छात्रवृत्ति कक्षा 12वीं से उच्चतर पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत पात्र विद्यार्थियों के लिए है, जिसके पंजीयन, स्वीकृति और वितरण की तमाम कार्रवाई विभागीय वेबसाइट पर ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जा रही है। इस संबंध में बस्तर जिले के सभी शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों, विश्वविद्यालय, इंजीनियरिंग, मेडिकल, नर्सिंग कॉलेजों के साथ-साथ आईटीआई और पॉलिटेक्निक आदि के प्राचार्यों, संस्था प्रमुखों और छात्रवृत्ति प्रभारियों को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं ताकि कोई भी पात्र छात्र इस लाभ से वंचित न रहे।
सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार इस प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूर्ण के लिए विस्तृत समय-सारणी निर्धारित की गई है, जिसके तहत छात्रवृत्ति आवेदनों के नवीनीकरण का पोर्टल 20 जून से खोल दिया जाएगा। वहीं जो विद्यार्थी पहली बार नवीन आवेदन करना चाहते हैं, उनके लिए पोर्टल आगामी 01 अगस्त 2026 से प्रारंभ किया जाएगा। प्राप्त होने वाले सभी नवीन और नवीनीकरण आवेदनों का परीक्षण और स्वीकृति संबंधी समस्त कार्यवाहियाँ समय-सीमा के भीतर ही पूर्ण कर ली जाएँगी, ताकि वितरण तिथि से पूर्व सारी दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी हो सके और सक्षम प्राधिकारी द्वारा छात्रवृत्ति का संपूर्ण वितरण एवं भुगतान जनवरी माह 2027 तक शत-प्रतिशत संपन्न किया जा सके।
इसके साथ ही छात्रवृत्ति का लाभ उठाने के लिए कुछ अनिवार्य पात्रता एवं शर्तों के तहत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के पालकों की वार्षिक आय ढाई लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए, जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए वार्षिक आय की यह सीमा अधिकतम एक लाख रुपये प्रतिवर्ष तय की गई है। आवेदन करते समय विद्यार्थियों को सक्षम अधिकारी द्वारा जारी स्थायी जाति प्रमाण-पत्र, छत्तीसगढ़ राज्य का मूल निवास प्रमाण-पत्र और अपने पाठ्यक्रम के विगत वर्ष का परीक्षा परिणाम जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज संलग्न करने होंगे।
इस बार पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का भुगतान सीधे पीएफएमएस के माध्यम से विद्यार्थियों के आधार से जुड़े सक्रिय बैंक खातों में किया जाएगा, इसलिए सभी आवेदकों को फॉर्म भरते समय अपने बैंक विवरण की सही प्रविष्टि सुनिश्चित करनी होगी। इसके अतिरिक्त अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल से वन टाइम रजिस्ट्रेशन यानी ओटीआर प्राप्त करना भी अनिवार्य कर दिया गया है। सुरक्षा और सत्यता की जांच के लिए इस सत्र में नवीन संस्थाओं के संस्था प्रमुख और संस्था के छात्रवृत्ति प्रभारियों का बायोमेट्रिक-ऑथेंटिकेशन किया जाना भी अनिवार्य रहेगा। अब विद्यार्थियों को अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय पर अपने ऑनलाइन आवेदन पूरे करने की सलाह दी गई है ताकि उन्हें समय पर छात्रवृत्ति का भुगतान मिल सके।