रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

26 जून 2026, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। खेत की सुरक्षा के नाम पर बिना अनुमति बिजली प्रवाहित कर लगाए गए तारों की चपेट में आने से एक मासूम बच्चे की मौत के मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है।
द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ज्योति अग्रवाल की अदालत ने आरोपी स्वरूप सिंह धुर्वे को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 5,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि यह कृत्य आपराधिक मानव वध की श्रेणी में आता है और इसे सामान्य लापरवाही नहीं माना जा सकता।