रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बीजापुर पुनर्वास केंद्र और गारमेंट फैक्ट्री का किया निरीक्षण, वेलकम किट वितरित कर आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन का दिया संदेश
बीजापुर, 27 जून 2026। छत्तीसगढ़ शासन की महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने अपने बीजापुर प्रवास के दौरान पुनर्वास केंद्र एवं जिला प्रशासन द्वारा संचालित गारमेंट फैक्ट्री का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुनर्वासित युवाओं और महिलाओं से आत्मीय संवाद कर उनके जीवन में आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी ली तथा उन्हें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाकर सम्मानपूर्वक एवं आत्मनिर्भर जीवन जीने के लिए प्रेरित किया।
पुनर्वासित युवाओं से आत्मीय संवाद, मुख्यधारा में लौटने पर दी शुभकामनाएं
पुनर्वास केंद्र पहुंचने पर मंत्री राजवाड़े ने समाज की मुख्यधारा में लौटे युवाओं को वेलकम किट प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने युवाओं से उनके पूर्व जीवन, पुनर्वास के बाद आए बदलाव, वर्तमान दिनचर्या, प्रशिक्षण, खान-पान तथा भविष्य की योजनाओं के बारे में विस्तार से चर्चा की।
मंत्री ने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल पुनर्वास तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक युवा को सम्मानजनक जीवन, रोजगार और समाज में नई पहचान दिलाना है। उन्होंने युवाओं से कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर अपने परिवार के साथ बेहतर जीवन व्यतीत करें तथा अविवाहित युवाओं को वैवाहिक जीवन की ओर भी सकारात्मक कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

‘अब भय नहीं, बेहतर भविष्य का विश्वास है’
संवाद के दौरान पुनर्वासित युवाओं ने बताया कि शासन और जिला प्रशासन के सहयोग से उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है। अब वे भयमुक्त वातावरण में रहकर सम्मानपूर्वक जीवन जी रहे हैं और समाज में नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
युवाओं ने बताया कि पुनर्वास केंद्र में उन्हें राजमिस्त्री एवं सिलाई सहित विभिन्न रोजगारपरक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब उन्हें परिवार और समाज के बीच सामान्य जीवन जीने का अवसर मिला है, जिससे उनमें नए भविष्य के प्रति विश्वास और उत्साह पैदा हुआ है।

एक ही स्थान पर बन रहे जरूरी दस्तावेज, योजनाओं से जुड़ना हुआ आसान
पुनर्वासित युवाओं ने मंत्री को बताया कि शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ने के लिए पुनर्वास केंद्र में ही आवश्यक दस्तावेज तैयार कराने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। यहां राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण-पत्र सहित अन्य आवश्यक दस्तावेज सरलता से बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से भी जोड़ा जा रहा है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अपने जीवन को नई दिशा दे सकें।
गारमेंट फैक्ट्री में महिलाओं की आत्मनिर्भरता की कहानी देखीं मंत्री
पुनर्वास केंद्र के निरीक्षण के बाद मंत्री राजवाड़े ने जिला प्रशासन द्वारा संचालित गारमेंट फैक्ट्री का भी अवलोकन किया। उन्होंने वहां कार्यरत महिलाओं से उनके कार्य, प्रशिक्षण, वेतन और रोजगार संबंधी अनुभवों की जानकारी ली।

अधिकारियों ने बताया कि इस गारमेंट फैक्ट्री के माध्यम से महिलाओं को सिलाई का प्रशिक्षण देने के साथ-साथ रोजगार भी उपलब्ध कराया जा रहा है। यहां विशेष रूप से पुनर्वासित महिलाओं तथा नक्सल पीड़ित परिवारों की महिलाओं को प्राथमिकता देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।
विदेशों तक पहुंच रही बीजापुर में तैयार पोशाकें
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मंत्री को जानकारी दी कि गारमेंट फैक्ट्री में तैयार किए जा रहे परिधान उनकी गुणवत्ता के कारण उनका विदेशों तक निर्यात भी किया जा रहा है। इससे स्थानीय महिलाओं को स्थायी रोजगार मिलने के साथ-साथ जिले की पहचान भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित हो रही है।
आत्मनिर्भर बनें, योजनाओं का लाभ लेकर आगे बढ़ें: मंत्री
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने गारमेंट फैक्ट्री में कार्यरत महिलाओं की मेहनत की सराहना करते हुए उन्हें पूरी लगन और समर्पण के साथ कार्य करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। इन योजनाओं से जुड़कर प्रत्येक हितग्राही अपने जीवन को नई दिशा दे सकता है।
उन्होंने कहा कि पुनर्वास का वास्तविक उद्देश्य केवल हिंसा की राह छोड़ना नहीं, बल्कि शिक्षा, कौशल, रोजगार और सम्मानजनक जीवन के माध्यम से समाज की मुख्यधारा में स्थायी रूप से स्थापित होना है। राज्य सरकार इसी संकल्प के साथ पुनर्वासित युवाओं और महिलाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर कार्य कर रही है।