रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

पुश्तैनी किसानी परंपरा को आज भी जीवंत रखे हुए हैं सांसद कश्यप
=परिवार के साथ मिलकर स्वयं करते हैं फसलों की जोताई, रोपाई और बुवाई
2 जुलाई 2026, जगदलपुर। मानसून की पहली फुहारों के साथ ही जहाँ पूरे देश और प्रदेश के किसान अपने खेतों की ओर रुख कर चुके हैं, वहीं बस्तर संसदीय क्षेत्र में एक बेहद खास और प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। बस्तर के नवनिर्वाचित सांसद महेश कश्यप राजनीति की चकाचौंध से दूर,एक आम किसान की तरह अपने खेतों में पसीना बहाते नजर आ रहे हैं।

सांसद महेश कश्यप का परिवार पीढ़ियों से कृषि कार्य से जुड़ा हुआ है। पुरखों के समय से चली आ रही इस पारंपरिक किसानी को उन्होंने सांसद बनने के बाद भी नहीं छोड़ा है। अमूमन वीआईपी संस्कृति के दौर में जहाँ जनप्रतिनिधि खेतों से दूरी बना लेते हैं, वहीं महेश कश्यप आज भी अपने परिवार के साथ मिलकर खेतों की जोताई,फसलों की रोपाई,बुवाई और कटाई का कार्य स्वयं करते हैं।

सांसद कश्यप ने कहा कि किसानी मेरा मूल आधार है और मिट्टी से मेरा जुड़ाव ही मेरी असली ताकत है। पद आते जाते रहते हैं, लेकिन जो हमारा मूल काम है, उसे कभी नहीं भूलना चाहिए। बस्तर का विकास और यहाँ के किसानों की खुशहाली ही मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता हैl बस्तर वासियो और किसानों के बीच सांसद का यह सादगीपूर्ण अंदाज चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अपने सांसद को इस तरह आम किसान की तरह खेतों में काम करते देखना गर्व की बात है, जिससे यह साबित होता है कि वे सही मायनों में माटीपुत्र हैं।