रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

4 जुलाई 2026, बिलासपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य के स्कूलों में मंत्रोच्चार कराए जाने के खिलाफ दायर याचिका को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया है। हालांकि कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी छात्र या व्यक्ति को मंत्रोच्चार के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
यदि भविष्य में किसी प्रकार का दबाव या बाध्यता सामने आती है, तो याचिकाकर्ता साक्ष्य के साथ दोबारा याचिका दायर करने के लिए स्वतंत्र होंगे। यह मामला राज्य सरकार द्वारा स्कूलों में मंत्रोच्चार शुरू करने से संबंधित एक पत्र जारी किए जाने के बाद सामने आया था।
इस आदेश को चुनौती देते हुए छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अब्दुल सलीम रिजवी सहित अन्य याचिकाकर्ताओं ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।