रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

बस्तर की मुरिया संस्कृति का राष्ट्रीय मंच पर गूंजा परचम

5 जुलाई 2026, जगदलपुर / बस्तर। बस्तर की समृद्ध मुरिया आदिवासी संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में एक और गौरवशाली उपलब्धि सामने आई है। ग्राम पंचायत आसना, जिला बस्तर के युवा आदिवासी सामाजिक कार्यकर्ता हेमंत कश्यप का चयन टाटा स्टील फाउंडेशन द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित 8वें ट्राइबल लीडरशिप प्रोग्राम (TLP-2026) के लिए हुआ, जिसमें देशभर के चुनिंदा युवा जनजातीय नेताओं ने भाग लिया।

बैंगलोर स्थित स्कूल ऑफ एंशियंट विजडम में 21 से 28 जून 2026 तक आयोजित इस राष्ट्रीय नेतृत्व कार्यक्रम में देश के 25 राज्यों की 54 से अधिक जनजातियों के 100 युवा प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। कार्यक्रम का उद्देश्य जनजातीय युवाओं में नेतृत्व क्षमता का विकास, सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले नेतृत्व का निर्माण करना था।

हेमंत कश्यप का चयन उनके सामाजिक सरोकार, जनहित के मुद्दों पर सक्रिय संघर्ष तथा मुरिया समुदाय की पारंपरिक संस्कृति, लोकनृत्य, वेशभूषा और रीति-रिवाजों के संरक्षण में उल्लेखनीय योगदान के आधार पर किया गया। उन्होंने राष्ट्रीय मंच पर बस्तर की मुरिया संस्कृति का प्रभावशाली प्रदर्शन कर सभी प्रतिभागियों और आयोजकों का ध्यान आकर्षित किया।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर टाटा स्टील फाउंडेशन द्वारा हेमंत कश्यप को उत्कृष्ट सहभागिता, नेतृत्व क्षमता एवं जनजातीय समाज के प्रति समर्पित योगदान के लिए प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने उनके सामाजिक कार्यों और नेतृत्व की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।

हेमंत कश्यप ने कहा कि इस कार्यक्रम ने उन्हें देश की विभिन्न जनजातियों की संस्कृति, चुनौतियों और नेतृत्व के विविध आयामों को समझने का अवसर दिया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यहां से प्राप्त अनुभव का उपयोग वे बस्तर में मुरिया समाज के सामाजिक उत्थान, सांस्कृतिक संरक्षण और युवा सशक्तिकरण के लिए करेंगे।

उनकी इस उपलब्धि पर बस्तर सहित पूरे मुरिया समाज में हर्ष का माहौल है। सामाजिक संगठनों, युवाओं और स्थानीय नागरिकों ने इसे पूरे बस्तर के लिए गर्व का विषय बताते हुए कहा कि हेमंत कश्यप जैसे युवा अपनी जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाकर नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन रहे हैं।

मुख्य उपलब्धियाँ

– टाटा स्टील फाउंडेशन के प्रतिष्ठित TLP-2026 में राष्ट्रीय स्तर पर चयन।
– देश के 25 राज्यों के जनजातीय युवा नेताओं के साथ नेतृत्व प्रशिक्षण।
– बस्तर की मुरिया संस्कृति एवं परंपराओं का राष्ट्रीय मंच पर प्रतिनिधित्व।
-उत्कृष्ट नेतृत्व एवं सहभागिता के लिए प्रशस्ति-पत्र से सम्मानित।
– जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और युवा सशक्तिकरण के लिए निरंतर सक्रिय।

“बस्तर की पहचान, मुरिया संस्कृति का सम्मान — यही हमारा अभियान।”

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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