रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

स्वास्थ्य सेवाओं को रफ्तार देने सीएमएचओ के निर्देश
जगदलपुर, 05 जुलाई 2026/ ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग लगातार सक्रिय है। इसी कड़ी में शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़े किलेपाल में एक अहम मासिक समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सी. मैत्री और जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. रीना लक्ष्मी के संयुक्त मार्गदर्शन में हुई इस बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की बारीकी से समीक्षा की गई और मैदानी अमले को स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए सख्त निर्देश जारी किए गए। स्वास्थ्य केंद्रों में समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को आधार आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है।
बैठक में वरिष्ठ नागरिकों और आम जनता की सहूलियत पर विशेष ध्यान देते हुए अधिकारियों ने निर्देशित किया कि 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों के लिए ‘वंदन कार्ड’ और सभी पात्र हितग्राहियों के ‘आयुष्मान भारत कार्ड’ शत-प्रतिशत बनाए जाएं। इसके साथ ही, गंभीर और संक्रामक बीमारियों पर सीधा प्रहार करते हुए ‘निश्चय मित्र’ पोर्टल पर 14 वर्ष से अधिक आयु के पात्र लोगों का पंजीयन करने तथा टीबी संदेहास्पद मरीजों की एक्स-रे जांच तेज करने को कहा गया। कुष्ठ रोग की जल्द पहचान एवं उपचार तथा सिकल सेल एनीमिया को लेकर व्यापक जन-जागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया। सुरक्षित मातृत्व के लिए निर्देशित किया गया कि सभी गर्भवती महिलाओं का प्रथम तिमाही में ही शत-प्रतिशत पंजीयन किया जाए और हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की एचआरपी पोर्टल पर समय पर एंट्री सुनिश्चित की जाए।
टीकाकरण अभियान को गति देने के उद्देश्य से सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए किशोरियों और उनके अभिभावकों में एचपीवी वैक्सीन के प्रति जागरूकता बढ़ाने और ‘यू-विन’ पोर्टल पर 24 घंटे के भीतर टीकाकरण डाटा की प्रविष्टि अनिवार्य की गई है। इसके अतिरिक्त, डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए जिला कलेक्टर के मार्गदर्शन में ’10-हफ्ता, 10-गुरुवार, 10 मिनट’ का विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत हर गुरुवार को स्वास्थ्य संस्थानों में सफाई और जलभराव की रोकथाम संबंधी गतिविधियां की जाएंगी। अंत में औषधि प्रबंधन को लेकर सख्त हिदायत दी गई कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में दवाइयों की एक्सपायरी की नियमित जांच कर एक माह पूर्व ही उनका नियमानुसार निष्पादन किया जाए। इस महत्वपूर्ण बैठक में बीएमओ डॉ. प्रदीप बघेल, डॉ. मनोज गुलशन, डॉ. इमरान, डॉ. चतुर्वेदी सहित सभी सेक्टर सुपरवाइजर, आरबीएसके टीम, सीएचओ, आरएचओ और स्वास्थ्य विभाग का समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।