रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

पीड़ित परिवार के साथ खड़े रहने का ऐलान, जगदलपुर पहुंचेगी जांच टीम; पुलिस कार्रवाई पर उठाए गंभीर सवाल

6 जुलाई 2026, जगदलपुर / विशाल मेगा मार्ट में बुजुर्ग सुरक्षा गार्ड के साथ हुई कथित मारपीट का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने, पीड़ित के महारानी अस्पताल में भर्ती होने और विभिन्न संगठनों के विरोध के बीच अब राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो, नई दिल्ली की स्थानीय इकाई भी खुलकर मैदान में उतर आई है। संगठन ने घटना को मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताते हुए पुलिस द्वारा दर्ज धाराओं पर सवाल खड़े किए हैं और आवश्यकता पड़ने पर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की चेतावनी दी है।

संभागीय अध्यक्ष ने जारी बयान में कहा कि एक बुजुर्ग सुरक्षा गार्ड के साथ सार्वजनिक स्थान पर हुई मारपीट केवल एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि सीधे तौर पर मानवाधिकारों का हनन है। संगठन इस घटना की कड़ी निंदा करता है और पीड़ित परिवार के साथ अंतिम समय तक खड़ा रहेगा।

उन्होंने बताया कि पूरे मामले की जानकारी संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भी भेज दी गई है। साथ ही राज्य स्तर पर तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल जल्द मुख्यमंत्री से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम से अवगत कराएगा और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करेगा।

सोनी ने कहा कि आने वाले दिनों में संगठन की एक टीम जगदलपुर पहुंचेगी। यह टीम पीड़ित परिवार से मुलाकात करेगी, घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी लेगी और जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों से भी चर्चा कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेगी।

संगठन ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। जगमोहन सोनी का कहना है कि पुलिस द्वारा लगाई गई धाराएं घटना की गंभीरता के अनुरूप नहीं हैं। उन्होंने मांग की कि मामले में भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराएं, जिनमें धारा 117 और धारा 151 सहित अन्य आवश्यक गैर-जमानती प्रावधान लागू किए जाएं, ताकि आरोपियों के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने आरोप लगाया कि यदि इसी प्रकार की घटना किसी सामान्य असामाजिक तत्व के खिलाफ दर्ज होती तो पुलिस तत्काल अधिक गंभीर धाराएं जोड़ देती। ऐसे में इस मामले में अपेक्षाकृत हल्की धाराएं लगाए जाने से निष्पक्षता पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और किसी भी स्तर पर पक्षपात की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।

जगमोहन सोनी ने स्पष्ट किया कि यदि जांच और कानूनी कार्रवाई में अपेक्षित सुधार नहीं किया गया तो संगठन पुलिस द्वारा लगाई गई धाराओं को उच्च न्यायालय में चुनौती देगा। उनका कहना है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए संगठन सभी संवैधानिक और कानूनी विकल्पों का उपयोग करेगा।

गौरतलब है कि मेगा मार्ट परिसर में पार्किंग विवाद के बाद बुजुर्ग सुरक्षा गार्ड के साथ कथित मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद यह मामला लगातार सुर्खियों में है। पीड़ित की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें महारानी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसके बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों ने भी निष्पक्ष जांच तथा आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

अब मानवाधिकार संगठन के सक्रिय होने और राज्य स्तर पर इस मामले को उठाने की घोषणा के बाद यह मामला और अधिक गंभीर हो गया है। आने वाले दिनों में संगठन की जांच टीम की जगदलपुर यात्रा और मुख्यमंत्री से प्रस्तावित मुलाकात पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

स्रोत: राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो (स्थानीय इकाई) का प्रेस वक्तव्य।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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