रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

6 जुलाई 2026, जगदलपुर/ दिनांक 05 जुलाई 2026 को ग्राम आसना स्थित लगभग 75 वर्ष पुराने श्रीकृष्ण मंदिर में असामाजिक तत्वों द्वारा चोरी की घटना को अंजाम दिया गया। अज्ञात व्यक्तियों ने मंदिर के गर्भ गृह में रखे दानपात्र  में रखे राशि को चोरी कर लिया, तथा दान पात्र अन्य स्थान पर फेंका हुआ पाया गया। घटना से पूरे ग्राम में रोष एवं चिंता का माहौल है।

ग्रामीणों के अनुसार यह मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि पूरे गांव की आस्था, श्रद्धा एवं सामाजिक एकता का केंद्र है। कुछ वर्ष पूर्व ग्राम के युवाओं एवं ग्रामीणों ने जनसहयोग से इस लगभग 75 वर्ष पुराने मंदिर का जीर्णोद्धार कराया था। मंदिर के विकास एवं संरक्षण में ग्रामीणों ने अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक एवं श्रमदान से महत्वपूर्ण योगदान दिया, जबकि शासन स्तर से किसी प्रकार का सहयोग प्राप्त नहीं हुआ।

मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि मंदिर नेशनल हाइवे के किनारे स्थित होने के बावजूद आज तक चारदीवारी, सुरक्षा व्यवस्था, शेड तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का निर्माण नहीं कराया गया है। इस संबंध में कई बार शासन-प्रशासन के समक्ष मांग रखी गई, किंतु अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई।

ग्रामीणों ने बताया कि मंदिर में वर्षभर विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम, पूजा-अर्चना एवं अनुष्ठान आयोजित होते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। इसके बावजूद मंदिर की सुरक्षा को लेकर लगातार उपेक्षा बरती गई है। हाल ही में मंदिर परिसर में जो मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण कार्य कराया गया था, उसे भी असामाजिक तत्वों ने क्षति पहुंचाई है।

ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते मंदिर की सुरक्षा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई होतीं, तो संभवतः इस प्रकार की घटना को रोका जा सकता था। अब स्थिति यह है कि धार्मिक स्थलों तक को अपराधियों ने अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया है, जो अत्यंत चिंताजनक एवं निंदनीय है।

ग्रामवासियों एवं मंदिर समिति ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि इस चोरी की घटना की निष्पक्ष एवं शीघ्र जांच कर दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। साथ ही मंदिर की सुरक्षा के लिए चारदीवारी, शेड, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे तथा अन्य आवश्यक सुरक्षा उपाय शीघ्र उपलब्ध कराए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और श्रद्धालुओं की आस्था सुरक्षित रह सके।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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