राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो ने की मुलाकात, नए साक्ष्यों के साथ जल्द पीड़ित परिवार करेगा प्रेसवार्ता; कांग्रेस भी हुई मुखर

9 जुलाई 2026, जगदलपुर / विशाल मेगा मार्ट के सामने सुरक्षा गार्ड नंद दुलाल डे के साथ हुई कथित मारपीट का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। अब इस मामले में नया मोड़ तब आया है, जब पीड़ित परिवार ने राज्य के मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़ महिला आयोग और मानवाधिकार आयोग को पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच एवं न्याय की मांग की है। परिवार का कहना है कि घटना के बाद उन्हें न्याय मिलने के बजाय लगातार दबाव और भय का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार पीड़ित परिवार ने अपने पत्र में घटना की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई करने तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। परिवार का आरोप है कि घटना के बाद से वे मानसिक तनाव में हैं और उन्हें न्याय दिलाने के लिए उच्च स्तर पर हस्तक्षेप की आवश्यकता है।

सूत्रों के अनुसार पीड़ित परिवार बहुत जल्द इस मामले में नए साक्ष्यों के साथ प्रेसवार्ता भी करेगा। बताया जा रहा है कि परिवार के पास ऐसे तथ्य और दस्तावेज हैं, जिन्हें वे सार्वजनिक कर पूरे घटनाक्रम को सामने रखने की तैयारी में हैं। इस संभावित प्रेसवार्ता को लेकर शहर में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

मामले में मंगलवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो की संभागीय इकाई के प्रतिनिधियों ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल ने परिवार से घटना की पूरी जानकारी ली तथा उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों का अवलोकन किया। ब्यूरो के पदाधिकारियों ने मामले में विधिसम्मत कार्रवाई और न्याय दिलाने के लिए आवश्यक पहल करने का भरोसा दिया है।

यह मामला पिछले कई दिनों से सामाजिक और राजनीतिक संगठनों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है। बंगाली समाज पहले ही इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर धाराएं जोड़ने और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर चुका है। समाज की वृहद बैठक में यह निर्णय भी लिया गया था कि यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई तो पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर आगे आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।

इस बीच कांग्रेस भी इस मुद्दे पर आक्रामक रुख अपनाए हुए है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज से पीड़ित परिवार कांग्रेस भवन में मुलाकात कर चुका है। मुलाकात के दौरान परिवार ने न्याय नहीं मिलने और कथित रूप से दबाव बनाए जाने की शिकायत की थी। दीपक बैज ने मामले में निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि यदि न्याय नहीं मिला तो कांग्रेस पीड़ित परिवार के साथ खड़ी रहेगी और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करेगी।

वहीं प्रदेश कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भी घटना को गंभीर बताते हुए कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि किसी बुजुर्ग सुरक्षा गार्ड के साथ सार्वजनिक स्थान पर मारपीट होती है और इसके बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होती, तो इससे आम नागरिकों का कानून पर विश्वास कमजोर पड़ सकता है।

उधर, पीड़ित परिवार की ओर से लगातार उच्च स्तर पर शिकायतें भेजे जाने और नए साक्ष्य सार्वजनिक करने की तैयारी के बाद यह मामला अब और अधिक गंभीर होता दिखाई दे रहा है। प्रशासन की आगामी कार्रवाई और जांच की दिशा पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

बहरहाल, एक सुरक्षा गार्ड के साथ कथित मारपीट से शुरू हुआ यह मामला अब सामाजिक संगठनों, मानवाधिकार संस्थाओं और राजनीतिक दलों तक पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में नए साक्ष्यों के सार्वजनिक होने और विभिन्न एजेंसियों की सक्रियता के बाद इस मामले में नए खुलासे होने की संभावना भी जताई जा रही है।

स्रोत : पीड़ित परिवार से प्राप्त जानकारी, राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो की संभागीय इकाई तथा पूर्व में जारी सार्वजनिक बयान।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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