रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

जगदलपुर, 11 जुलाई 2026/ बस्तर जिले में किशोरियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर एक बड़ी और महत्वपूर्ण पहल शुरू की गई है। कलेक्टर आकाश छिकारा के दिशा-निर्देशों के अनुरूप एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के नेतृत्व में शुक्रवार को जगदलपुर में ह्यूमन पैपिलोमावायरस (एचपीवी) टीकाकरण पर अन्तर्विभागीय समन्वय बैठक संपन्न हुई।
इस बैठक में मुख्य रूप से स्वास्थ्य विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला एवं विकास खंड स्तर के अधिकारियों ने सहभागिता कर अभियान को गति देने के लिए विस्तृत रणनीति तैयार की। बैठक के दौरान जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. मैत्री द्वारा उपस्थित सभी अधिकारियों को एचपीवी वैक्सीन और टीकाकरण की आवश्यकता से संबंधित तकनीकी व व्यावहारिक जानकारियां विस्तार से दी गईं। इसी क्रम में जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. रीना लक्ष्मी ने ‘एनीमिया मुक्त भारत अभियान’ पर प्रकाश डालते हुए किशोरियों में खून की कमी को दूर करने के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाने की बात कही।
इस अभियान को जमीनी स्तर पर शत-प्रतिशत सफल बनाने के उद्देश्य से जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल ने बैठक में उपस्थित सभी खंड शिक्षा अधिकारियों और खंड स्रोत समन्वयकों को निर्देशित किया कि वे प्रत्येक शासकीय एवं निजी हाई स्कूलों में अध्ययनरत 14 से 15 वर्ष की आयु वर्ग की योग्य किशोरी बालिकाओं की सूची तुरंत तैयार करें। साथ ही, टीकाकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने और किसी भी तरह के भ्रम को दूर करने के लिए स्कूलों में अभिभावकों के साथ काउंसलिंग बैठकें जल्द से जल्द आयोजित की जाएं। वहीं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक ने इस साझा प्रयास के महत्व पर बल देते हुए कहा कि हम अंतर्विभागीय समन्वय और आपसी सहयोग से ही इस बड़े अभियान में पूरी तरह सफल हो पाएंगे और हर पात्र बालिका तक स्वास्थ्य सुरक्षा का यह कवच पहुँचा सकेंगे।
इस महत्वपूर्ण समन्वय बैठक में शिक्षा विभाग से जिला परियोजना समन्वयक अशोक पांडेय, शहरी स्वास्थ्य प्रबंधक पीडी बस्तिया, विभिन्न विकासखंडों के खंड चिकित्सा अधिकारी तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी भी मुख्य रूप से शामिल रहे, जिन्होंने आपसी तालमेल के साथ इस स्वास्थ्य अभियान को बस्तर के कोने-कोने तक पहुँचाने का सामूहिक संकल्प लिया।