
“हर पात्र गर्भवती एवं धात्री महिला तक पहुंचे योजना का लाभ”
बीजापुर 11 जुलाई 2026/कलेक्टर के निर्देशन एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के मार्गदर्शन में जिले के समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु चरणबद्ध प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण का उद्देश्य योजना के संबंध में कार्यकर्ताओं की क्षमता का विकास करना, पात्र हितग्राहियों की शत-प्रतिशत पहचान एवं पंजीयन सुनिश्चित करना तथा प्रत्येक पात्र गर्भवती एवं धात्री महिला तक योजना का लाभ पहुंचाना है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने वाली केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है। योजना के सफल क्रियान्वयन में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में योजना के सभी तकनीकी एवं प्रक्रियागत पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की जा रही है, जिससे जमीनी स्तर पर कार्यरत कार्यकर्ता अधिक दक्षता एवं प्रभावशीलता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।
जिले के सभी परियोजना अधिकारियों के सक्रिय सहयोग एवं समन्वय से आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में IPE Global Centre for Knowledge and Development के जिला स्तरीय तकनीकी दल के सदस्य लेखिका साहू (डिस्ट्रिक्ट सपोर्ट मैनेजर), जंगम आलिया, शीतल जाटव एवं शानू बिस्वास (इम्प्लीमेंटेशन सपोर्ट ऑफिसर) तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के समस्त पर्यवेक्षकों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को योजना की पात्रता, लाभ, आवश्यक दस्तावेज, ऑनलाइन पंजीयन प्रक्रिया, आवेदन स्वीकृति, भुगतान प्रणाली, लंबित प्रकरणों के निराकरण, शून्य पंजीयन वाले केंद्रों में विशेष प्रयास तथा पोर्टल संचालन संबंधी व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है।
प्रशिक्षकों द्वारा विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया गया कि क्षेत्र की कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रहे। इसके लिए कार्यकर्ताओं को नियमित गृह भ्रमण, गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, आवश्यक दस्तावेजों का संकलन तथा निर्धारित समय सीमा में पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही शून्य पंजीयन वाले केंद्रों में विशेष अभियान चलाकर पात्र हितग्राहियों को योजना से जोड़ने पर भी बल दिया गया।
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को गर्भावस्था और प्रसव के दौरान बेहतर पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना के माध्यम से महिलाओं को आंशिक वेतन क्षतिपूर्ति (Wage Compensation) के रूप में आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे वे गर्भावस्था के दौरान पर्याप्त आराम कर सकें तथा अपने स्वास्थ्य एवं नवजात शिशु की देखभाल पर विशेष ध्यान दे सकें। साथ ही योजना के अंतर्गत द्वितीय संतान के रूप में बालिका जन्म होने पर अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्रदान कर बालिका जन्म को प्रोत्साहित करने, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने तथा समाज में बालिकाओं के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का भी महत्वपूर्ण उद्देश्य है।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान फील्ड स्तर पर आने वाली व्यावहारिक समस्याओं एवं तकनीकी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा उनके समाधान के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान करते हुए उन्हें योजना के नवीनतम प्रावधानों एवं दिशा-निर्देशों से भी अवगत कराया गया। प्रशिक्षण के अंतर्गत प्री-टेस्ट एवं पोस्ट-टेस्ट के माध्यम से प्रतिभागियों की समझ का मूल्यांकन भी किया जा रहा है, जिससे प्रशिक्षण की प्रभावशीलता सुनिश्चित की जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के माध्यम से गर्भवती एवं धात्री माताओं को बेहतर पोषण, स्वास्थ्य देखभाल एवं संस्थागत सेवाओं के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। योजना का प्रभावी क्रियान्वयन मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने, कुपोषण को कम करने तथा स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
प्रशिक्षण के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को न केवल योजना के तकनीकी एवं प्रक्रियागत पहलुओं की जानकारी दी जा रही है, बल्कि उन्हें मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुधार, कुपोषण में कमी तथा बालिका सशक्तिकरण के व्यापक उद्देश्यों से भी अवगत कराया जा रहा है, ताकि योजना का लाभ जिले की प्रत्येक पात्र महिला तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सके। प्रशिक्षण के माध्यम से जिले के समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को सशक्त एवं दक्ष बनाया जा रहा है, जिससे प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ शत-प्रतिशत पात्र हितग्राहियों का पंजीयन एवं समयबद्ध लाभ वितरण सुनिश्चित किया जा सके।