रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

मनरेगा और विशेष केंद्रीय सहायता के अभिसरण से बनी 6 मीटर पुलिया, वर्षभर निर्बाध आवागमन हुआ संभव
बीजापुर, 13 जुलाई 2026/ग्राम पंचायत अंगमपल्ली के आश्रित ग्राम धनगोल में वर्षों से चली आ रही आवागमन की समस्या अब अतीत बन गई है। मनरेगा एवं विशेष केंद्रीय सहायता (SCA) के अभिसरण से निर्मित 6 मीटर लंबी पुलिया ने ग्रामीणों के जीवन में बड़ा बदलाव ला दिया है। अब बारिश के मौसम में भी गाँव का मुख्यालय से संपर्क बना रहता है, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और दैनिक आवागमन की सुविधाएं पहले की तुलना में कहीं अधिक सुगम हो गई हैं।
धनगोल के ग्रामीण लंबे समय से वर्षा ऋतु में मार्ग पर पानी भर जाने के कारण भारी कठिनाइयों का सामना कर रहे थे। बरसात के दौरान गाँव का संपर्क मुख्यालय से पूरी तरह कट जाता था, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई, किसानों की कृषि गतिविधियाँ, मरीजों को समय पर उपचार तथा ग्रामीणों की दैनिक जरूरतें गंभीर रूप से प्रभावित होती थीं।
ग्रामीणों की इस समस्या का स्थायी समाधान करते हुए मनरेगा एवं विशेष केंद्रीय सहायता (SCA) के अभिसरण से धनगोल मार्ग पर 6 मीटर पुलिया का निर्माण कराया गया। इस परियोजना की कुल स्वीकृत लागत 17.63 लाख रुपये रही, जिसमें मनरेगा से 7.63 लाख रुपये तथा SCA से 10 लाख रुपये का योगदान दिया गया। निर्माण कार्य का शुभारंभ 2 जनवरी 2026 को हुआ।
यह परियोजना केवल आधारभूत अधोसंरचना के विकास तक सीमित नहीं रही, बल्कि निर्माण अवधि के दौरान स्थानीय रोजगार सृजन का भी महत्वपूर्ण माध्यम बनी। कार्य में 18 जॉब कार्डधारी परिवारों के 94 श्रमिकों को रोजगार मिला, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई और उन्हें अपने ही क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्राप्त हुए।
पुलिया के निर्माण से अब धनगोल ग्राम में वर्षभर सुरक्षित एवं निर्बाध आवागमन संभव हो गया है। बारिश के मौसम में भी गाँव का संपर्क मुख्यालय से बना रहता है, जिससे विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई, किसानों की उपज का परिवहन, मरीजों की स्वास्थ्य सेवाओं तक समय पर पहुँच तथा ग्रामीणों की दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति अब अधिक आसान और सुरक्षित हो गई है।
धनगोल की यह पुलिया ग्रामीण विकास की एक प्रेरणादायी मिसाल बनकर उभरी है। इसने न केवल गाँव की आधारभूत अधोसंरचना को सुदृढ़ किया है, बल्कि रोजगार सृजन और ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार लाते हुए समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।