रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

18 जुलाई 2026, बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला एक जघन्य अपराध सामने आया है। चंदनू थाना क्षेत्र में 50 वर्षीय दुकलिहिन बाई बंजारे की हत्या के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि गांव के ही 42 वर्षीय रामप्रसाद सोनवानी उर्फ बंगाली ने पहले महिला की निर्मम हत्या की, फिर शव के साथ दुष्कर्म किया और इसके बाद पहचान छिपाने के लिए शव के हाथ-पैर काटकर अलग-अलग गठरियों में बांधकर शिवनाथ नदी में फेंक दिया। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पहले भी हत्या के एक मामले में सजा काट चुका है।

बेमेतरा पुलिस अधीक्षक त्रिलोक बंसल ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि आरोपी रामप्रसाद सोनवानी और मृतका एक ही गांव के रहने वाले थे। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी और महिला के बीच पुरानी रंजिश थी। इसी रंजिश के चलते उसने वारदात को अंजाम दिया। हालांकि घटना के दौरान उसने महिला के साथ जबरदस्ती करने का प्रयास भी किया था। महिला के विरोध करने पर आरोपी ने फावड़े के बेंट से उसके सिर पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस जांच के मुताबिक यह पूरी वारदात 6 जुलाई की रात लगभग 10 बजे की है। उस समय दुकलिहिन बाई अपने घर में अकेली थीं। आरोपी रामप्रसाद सोनवानी उनके घर पहुंचा और महिला के साथ जबरदस्ती करने लगा। जब महिला ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने हिंसक रूप अपनाते हुए फावड़े के बेंट से उनके सिर पर हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से महिला की मौके पर ही मौत हो गई।”

“जांच में सबसे भयावह खुलासा यह हुआ कि हत्या के बाद भी आरोपी का अपराध यहीं नहीं रुका। पुलिस के अनुसार उसने मृतका के शव के साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद उसने घर में रखी लकड़ी काटने वाली आरी से शव के दोनों हाथ और दोनों पैर काट दिए ताकि मृतका की पहचान आसानी से न हो सके और पुलिस को जांच में भ्रमित किया जा सके। आरोपी ने शव के अलग-अलग हिस्सों को दो गठरियों में बांधा और उन्हें अपनी झोपड़ी में छिपाकर रखा। अगले दिन रात के अंधेरे में वह इन गठरियों को लेकर शिवनाथ नदी के किनारे पहुंचा और नदी में फेंक दिया। उसका मकसद था कि पानी में बह जाने से शव पूरी तरह नष्ट हो जाएगा और पुलिस कभी भी इस अपराध तक नहीं पहुंच पाएगी। लेकिन आरोपी की यह योजना सफल नहीं हो सकी।”

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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