रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

19 जुलाई 2026, रायपुर। राजधानी रायपुर के टिकरापारा संजय नगर इलाके से एक बड़ी और बेहद ही रुला देने वाली घटना सामने आई है जिसमें परिवार की मुखिया द्वारा जब अपने बच्चों को देर रात खाना खिलाया गया उन बच्चों को यह नहीं पता था कि वह उनकी जिंदगी का आखिरी खाना होगा।

आपको बता दें कि संजय नगर के एक घर में पांच लाशें मिलने से ही पूरे मोहल्ले में सनसनी फैल गई है और आसपास के लोगों का यह कहना है कि घर का जो मुखिया है साजिद वह कर्ज में डूबा हुआ था उसी के चलते सूदखोर मुन्ना ठाकुर नाम के व्यक्ति को पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया है और उससे भी मामले की पूछताछ जारी है।

साजिद मौदहापारा इलाके में बैटरी रिपेयरिंग का काम करता था और लंबे समय से आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। बैंक की ईएमआई के साथ निजी उधारी का दबाव भी लगातार बढ़ता जा रहा था। परिजनों और स्थानीय लोगों के मुताबिक, कर्ज की वसूली के लिए लोग अक्सर उसके घर पहुंचते थे, जिससे परिवार में तनाव और विवाद की स्थिति बनी रहती थी। पुलिस इस आर्थिक दबाव को घटना की एक प्रमुख वजह मानकर जांच कर रही है।

पुलिस के मुताबिक, संजय नगर निवासी सय्यद उमेर अली के मकान में सय्यद शाहिद उर्फ सज्जू (45) पिछले आठ महीने से किराए पर रह रहा था। उसके साथ पत्नी राबिया, बेटा इरशाद अली (19), बेटी शाहिदा (17) और इरशाबा बेगम (16) भी रहती थीं। शाहिद पुरानी बैटरियों की खरीद-बिक्री का कारोबार करता था, जबकि उसका बेटा एक निजी कंपनी में नौकरी करता था।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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