रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

मैं जनता की आवाज़ बनकर बदलाव लाने का संकल्प लेता हूँ।”— भुवनेश्वर कश्यप
19 जुलाई 2026, जगदलपुर, बस्तर। सामाजिक कार्यकर्ता भुवनेश्वर कश्यप ने बस्तर की शिक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्था की वर्तमान स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज भी क्षेत्र के हजारों लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के अनेक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी, मूलभूत सुविधाओं का अभाव तथा अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों, दवाइयों एवं आवश्यक संसाधनों की कमी आम जनता के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है।
उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र का वास्तविक विकास तभी संभव है, जब शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत हो। बस्तर के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तथा प्रत्येक नागरिक को सुलभ और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
भुवनेश्वर कश्यप ने राज्य सरकार से मांग की कि बस्तर की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस, प्रभावी और समयबद्ध कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्य करके जनता का विश्वास जीता जा सकता है।
इस दौरान उन्होंने कहा, “बस्तर की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की बात करो। अगर उसे सुधार नहीं सकते, तो मुझे मुख्यमंत्री बना दो। मैं जनता की आवाज़ बनकर बदलाव लाने का संकल्प लेता हूँ।” उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी पद की इच्छा नहीं, बल्कि बस्तर के लोगों की समस्याओं को मजबूती से उठाना और व्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन की मांग करना है।
उन्होंने विश्वास जताया कि यदि सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दे, तो बस्तर विकास और जनकल्याण के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित कर सकता है। साथ ही उन्होंने कहा कि वे भविष्य में भी बस्तर के जनहित से जुड़े मुद्दों को लगातार उठाते रहेंगे।