रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

देवभूमि पहुंची छात्रों की गूंजःपेपर लीक की महामारी के खिलाफ राहुल गांधी ने देहरादून में महारैली को सम्बोधित किया

19 जुलाई 2026, जगदलपुर।आज संभाग मुख्यालय जगदलपुर में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कोटा से राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत करने के बाद, आज लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देहरादून में आयोजित “छात्रों की गूंज” महारैली को संबोधित किया। इस विशाल जनसभा के माध्यम से उत्तराखंड के युवाओं के बीच पेपर लीक माफिया के खिलाफ लड़ाई को और मजबूती दी गई। पेपर लीक का संकट अब एक राष्ट्रीय महामारी का रूप ले चुका है। अब तक 150 से अधिक पेपर लीक की घटनाओं ने 7.5 करोड़ छात्रों और उनके परिवारों को सीधे प्रभावित किया है, लेकिन अब तक एक भी दोषी को सज़ा नहीं मिली है। लाखों अभ्यर्थी भारी दबाव के बीच औसतन पांच वर्षों तक प्रतिदिन 10 घंटे पढ़ाई कर परीक्षाओं की तैयारी करते हैं।

   इस तैयारी में न केवल अभ्यर्थियों, बल्कि उनके परिवारों को भी भारी आर्थिक बोझ और त्याग का सामना करना पड़ता है। क्योंकि अन्य अवसरों के दरवाजे उनके लिए बंद होते जा रहे हैं, इसलिए हर साल लगभग 9 करोड़ अभ्यर्थियों को केवल 6 लाख सरकारी नौकरियों के लिए संघर्ष करना पड़ता है।जब छात्र कड़ी मेहनत कर रहे होते हैं, उसी समय एक भ्रष्ट नेटवर्क “सिस्टम का मेन्यू कार्ड” चलाता है, जहां परीक्षाएं सबसे अधिक कीमत चुकाने वालों को भारी रकम लेकर बेची जाती हैं।
         देहरादून महारैली; राहुल गांधी के साथ मंच पर वे छात्र भी मौजूद थे जिनकी परीक्षाएं पेपर लीक या रद्द होने के कारण प्रभावित हुईं और जिनकी वर्षों की मेहनत एक झटके में बर्बाद हो गई। रैली के सबसे भावुक क्षण में आत्महत्या करने वाली एक छात्रा रिया थापा के पिता ने अपना दर्द साझा किया। उनकी पीड़ा ने याद दिलाया कि यह संकट केवल आंकड़ों का नहीं, बल्कि उन परिवारों का है जिनकी दुनिया हमेशा के लिए बिखर गई है।
            राहुल गांधी ने युवाओं के सामने 21वीं सदी की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था के लिए अपना विजन रखा। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को इस तरह पुनर्गठित किया जाना चाहिए कि विद्यार्थियों के हित सर्वोपरि हों, आधुनिक और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली स्थापित हो, संस्थानों की स्वतंत्रता और जवाबदेही सुनिश्चित हो तथा शिक्षा निजीकरण और वैचारिक हस्तक्षेप से मुक्त हो। दीपक बैज ने आगे कहा NSUI, युवा कांग्रेस और कांग्रेस की प्रदेश इकाइयों के माध्यम से यह अभियान सड़क से लेकर संसद तक पूरे देश में लगातार आगे बढ़ रहा है।

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष  दीपक बैज ने आगे बताया विगत दो दिन पूर्व ही जगदलपुर में एक मासूम बच्ची ने परिणाम से व्यथित होकर आत्महत्या कर लिया।नीट 2 के परिणाम के बाद जगदलपुर के अड़ावल की एक बच्ची सुरला हारिका राव ने परिणाम से व्यथित होकर आत्महत्या कर लिया।

बताते है कि रद्द हुई नीट परीक्षा में बच्ची के अंक ज्यादा हा रहे थे तथा नीट 2 के बाद उसके अंक कम आये इससे दुखी होकर उसने अपनी जान दे दिया।इस बच्ची की मौत और इस प्रकार से अन्य बच्चों की मौतों और उनकी हताशा के लिए मोदी सरकार जिम्मेदार है।मोदी सरकार के राज में नीट के परीक्षा में जो गड़बड़िया हुई तथा परीक्षा रद्द हुई उससे बच्चे निराश हुये जिनका पेपर पहली बार अच्छा गया था वे बच्चे तो बहुत ज्यादा निराश हुए थे और उसी निराश में बच्चे आत्मघाती कदम उठा रहे। नीट देशभर के लाखों बच्चों के न सिर्फ भविष्य उनकी भावनाओं से जुड़ा हुआ विषय 1 वर्षों तक कठिन मेहनत करके बच्चे नीट की तैयारी करके परीक्षा में सम्मिलित हुये थे। परीक्षा के बाद पेपर लीक की बात सामने आने विद्यार्थियों की मेहनत पर पानी फिर गया। इस मामले की प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री और नीट के कर्ताधर्ता को जिम्मेदारी लेनी चाहिए।पिछली बार भी नीट के पेपर लीक मामले में मोदी सरकार ने किसी की जवाबदेही तय नहीं की, न ही कोई ठोस कार्यवाही किया था।
             जब 2024 में नीट का पेपर लीक हुआ था. लाखों बच्चों की मेहनत बर्बाद हुई थी, तब लोगों के गुस्से को शांत करने के लिए मोदी सरकार ने चाल चली और एनटीए के डीजी को पद से हटा दिया, लेकिन जैसे ही लोगों का गुस्सा शांत हुआ, इन्हें स्टील मिनिस्ट्री में पोस्टिंग दे दी, उसके बाद छत्तीसगढ़ की भर्ती परीक्षाओं का प्रमुख बना दिया और अब ये छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव हैं। बेहद स्पष्ट है कि पेपर लीक के असल गुनहगारों को भाजपा सरकार का संरक्षण है। भाजपा सरकार में इसी तरह छात्रों के भविष्य से खिलवाड करने वालों को इनाम दिया जाता है, उन्हें बड़े-बड़े पदों पर बैठाया जाता है। कारण साफ है पेपर लीक के इस गोरखधंधे में भाजपा सरकार खुद ही साझेदार है, जिसका खामियाजा देश के मेहनती छात्रों को चुकाना पड़ रहा है।भाजपा की सरकार में परीक्षा की सुचिता लगातार भंग हो रही है. भाजपा शासित राज्यों में ही पेपर लीक हो रहे हैं, कारण स्पष्ट है पेपर लीक करने वाले शिक्षा माफियाओं को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है।भाजपा का फंडा साफ है जितनी बड़ी चोरी, उतना बड़ा इनाम, इसीलिए बेखौफ होकर ऐसे कुकृत्य किए जा रहे हैं।दोबारा परीक्षा कराने की मानसिक और आर्थिक जिम्मेदारी कौन लेगा?बार-बार परीक्षाओं में धांधली से एनटीए की कार्यक्षमता, पारदर्शिता और विश्वसनीय पर सवाल उठ रहा है, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की खामोशी पेपर लीक जैसे गंभीर विषय पर सरकार के संरक्षण की ओर इशारा करती है।

इस प्रेसवार्ता में मुख्य रूप से पीसीसी प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू,शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य,ग्रामीण अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला,रविशंकर तिवारी,जिला महामंत्री जाहिद हुसैन,अनुराग महतो,नीतीश शर्मा,ब्लॉक अध्यक्ष सूर्यापानी,यूंका अध्यक्ष निकेत राज झा,रोजविन दास,संजय पाणिग्रही,महेश ठाकुर,आदर्श दलाई, सलीम जाफर अली,शादाब अहमद,खीरेंद्र यादव आदि मौजूद रहे।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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