रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

बीजापुर 20 जुलाई 2026- रेशम उत्पादन को वैज्ञानिक एवं आधुनिक तकनीकों से सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से बीजापुर जिला के 12 रेशम हितग्राहियों ने संयुक्त संचालक, रेशम अनुसंधान एवं प्रशिक्षण बिलासपुर में आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। यह प्रशिक्षण 16 जुलाई से 21 जुलाई 2026 तक आयोजित किया गया।
  प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को रेशम उत्पादन से संबंधित समस्त गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी गई। विशेषज्ञों द्वारा तसर पालन की वैज्ञानिक पद्धति, स्वस्थ डिम्ब समूहों का प्रबंधन, खाद्य पौधों का संरक्षण एवं प्रबंधन, कीट पालन की आधुनिक तकनीक, रोग एवं कीट नियंत्रण, कोसा उत्पादन, गुणवत्ता सुधार तथा उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने के प्रभावी उपायों पर व्यावहारिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया।


प्रशिक्षण में रामुराम बेक, रविकुमार, राजू नाग, करन कुमार, नितेश, जयकिशन, हनुमंत राव, राजा राम, अनिल, नवीन, रितेश एवं संतोष ने प्रतिभागी के रूप में भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के दौरान वैज्ञानिक पद्धति से रेशम उत्पादन बढ़ाने तथा बेहतर गुणवत्ता का कोसा उत्पादन करने की तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त किया।


प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिभागियों ने बताया कि प्रशिक्षण से प्राप्त तकनीकी जानकारी का उपयोग वे अपने क्षेत्र में तसर पालन एवं रेशम उत्पादन में करेंगे, जिससे उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ उनकी आय में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी। रेशम विभाग के अधिकारियों ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशिक्षित हितग्राही जिले के अन्य रेशम पालकों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेंगे तथा आधुनिक तकनीकों के प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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