रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

4 अगस्त 2026, इस मामले के साथ-साथ समाज द्वारा शासकीय अस्पताल के पदस्थ बी.एम.ओ. डॉ. सविन्द्र गोटा एवं दो अन्य स्टाफ नर्सों के गलत निलंबन का भी विरोध किया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री, कलेक्टर कांकेर एवं SDM भानुप्रतापपुर के नाम प्रेषित एक अन्य ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि:
सोशल मीडिया और समाचार पत्रों की भ्रामक रिपोर्टिंग के आधार पर शासकीय चिकित्सकों व कर्मचारियों पर गलत निलंबन की कार्रवाई की गई है। शासकीय अस्पताल की टीम ने मरीज की स्थिति देखकर उसे उच्च केंद्र रेफर किया था, लेकिन परिजन उसे निजी ‘गौतम अस्पताल’ ले गए, जहाँ अप्रशिक्षित स्टाफ और डॉक्टर की गैरमौजूदगी में हुई नॉर्मल डिलीवरी के कारण जच्चा-बच्चा की मृत्यु हो गई।
समाज ने मांग की है कि डॉ. सविन्द्र गोटा एवं दोनों स्टाफ नर्सों का निलंबन तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।
जांच कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। भ्रामक पत्राचार/रिपोर्टिंग करने वालों पर FIR दर्ज हो।
निजी गौतम अस्पताल का लाइसेंस रद्द किया जाए।
पीड़ित परिवार को न्याय व उचित मुआवजा दिलाया जाए।