रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

बस्तर में औषधीय पौधों की खेती,वनोपज प्रसंस्करण और जनजातीय युवाओं के कौशल विकास हेतु सांसद महेश कश्यप ने केंद्रीय मंत्री से रखीं महत्वपूर्ण मांगें

राष्ट्रीय जनजातीय सांस्कृतिक एवं शोध केंद्र की स्थापना,जनजातीय आजीविका,शिक्षा,स्वास्थ्य और रोजगार को लेकर केंद्र सरकार के समक्ष रखा व्यापक प्रस्ताव: महेश कश्यप


7 अगस्त 2026, जगदलपुर। नई दिल्ली में केंद्रीय आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव से बस्तर लोकसभा सांसद महेश कश्यप ने भेंट कर बस्तर लोकसभा क्षेत्र के जनजातीय विकास,आजीविका संवर्धन एवं आयुष आधारित रोजगार को बढ़ावा देने संबंधी महत्वपूर्ण मांगों  को रखा।

सांसद महेश कश्यप ने कहा कि बस्तर प्राकृतिक जैव विविधता,समृद्ध वन संपदा एवं पारंपरिक जनजातीय औषधीय ज्ञान का प्रमुख केंद्र है। यहां की जलवायु अश्वगंधा,सफेद मूसली,शतावरी,कालमेघ,गिलोय,तुलसी,हर्रा, बेहड़ा,आंवला सहित अनेक औषधीय एवं सुगंधित पौधों की खेती के लिए अत्यंत अनुकूल है। यदि इन पौधों की वैज्ञानिक खेती एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जाए तो हजारों जनजातीय परिवारों के लिए स्थायी रोजगार और आय के नए अवसर सृजित होंगे।

सांसद ने आयुष मंत्रालय एवं राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड के माध्यम से बस्तर में विशेष परियोजना संचालित करने का आग्रह किया। उन्होंने किसानों, महिला स्व सहायता समूहों,वन धन विकास केंद्रों एवं किसान उत्पादक संगठनों को औषधीय पौधों की खेती से जोड़ने,वैज्ञानिक प्रशिक्षण,मूल्य संवर्धन,प्रसंस्करण एवं विपणन की व्यवस्था विकसित करने का प्रस्ताव रखा।

इसके साथ ही सांसद महेश कश्यप ने बस्तर के समग्र जनजातीय विकास के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी प्रस्तुत किए। इनमें लघु वनोपज के संग्रहण,प्रसंस्करण एवं विपणन हेतु आधुनिक इकाइयों की स्थापना,जनजातीय युवाओं के लिए कौशल विकास एवं उद्यमिता मिशन,बस्तर में राष्ट्रीय जनजातीय कौशल एवं उद्यमिता उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना, राष्ट्रीय जनजातीय सांस्कृतिक एवं शोध केंद्र की स्थापना,कोदो कुटकी,रागी,बांस,लाख एवं अन्य वन आधारित उत्पादों की ब्रांडिंग एवं राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय विपणन,एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष शैक्षणिक सहायता, जनजातीय क्षेत्रों में मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयों एवं पोषण कार्यक्रमों का विस्तार तथा प्रत्येक जनजातीय विकासखंड में वन धन विकास केंद्रों की स्थापना जैसी मांगें प्रमुख रहीं।

सांसद महेश कश्यप ने कहा कि इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन से बस्तर के जनजातीय समाज को रोजगार,शिक्षा,स्वास्थ्य और स्वरोजगार के क्षेत्र में नई संभावनाएं प्राप्त होंगी तथा स्थानीय संसाधनों पर आधारित आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से इन मांगों पर सकारात्मक एवं शीघ्र कार्रवाई करने का आग्रह किया।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

Leave a Reply

You missed