रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

कलेक्टर विश्वदीप की पहल से 25 बच्चे शिक्षा की मुख्यधारा से जुड़े, जिला पंचायत सदस्य शंकरैया माड़वी ने किया आत्मीय स्वागत
बीजापुर, 08 अगस्त 2026/ जिले में 21 वर्षों से बंद पड़े स्कूलों को पुनः संचालित कर बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के अभियान को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। कलेक्टर श्री विश्वदीप की पहल पर उसूर विकासखंड के प्राथमिक शाला मेटापारा, कोरसागुड़ा का पुनः संचालन किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में विद्यालय में प्रवेश लेने वाले 25 बच्चों का फूलमाला पहनाकर आत्मीय स्वागत किया गया।
विद्यालय के पुनः संचालन के अवसर पर बच्चों को स्लेट, पुस्तकें एवं पेंसिल वितरित की गईं, जिससे उनके शैक्षणिक जीवन की नई शुरुआत हुई। लंबे अंतराल के बाद गांव में फिर से विद्यालय खुलने से ग्रामीणों एवं अभिभावकों में उत्साह का माहौल रहा।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य श्री शंकरैया माड़वी ने बच्चों का स्वागत करते हुए उन्हें नियमित रूप से विद्यालय आने और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है और स्कूलों के पुनः संचालन से दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को अपने गांव में ही शिक्षा का अवसर मिल रहा है।
इस अवसर पर सरपंच, बीईओ श्री एम.वी. राव, श्री रामकृष्ण पी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
जिला शिक्षा अधिकारी श्री राजेश पांडे ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन एवं जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों से वर्तमान शिक्षा सत्र में जिले में अब तक 38 बंद स्कूलों का पुनः संचालन किया जा चुका है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध वैकल्पिक संसाधनों एवं शिक्षादूतों के माध्यम से अध्यापन कार्य प्रारंभ किया गया है, जिससे वर्षों से शिक्षा से वंचित बच्चों को फिर से विद्यालयों से जोड़ने का कार्य लगातार आगे बढ़ रहा है।