रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

“अधिकार जानिए, ग्राम सभा को मजबूत बनाइए और अपने हक की आवाज उठाइए”

11 अगस्त 2026, बीजापुर। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर भैरमगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में एक बार फिर भाग्यांश आदिनारायण राज पामभोई की मौजूदगी चर्चा का विषय रही। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सर्व आदिवासी समाज के अधिकारों, ग्राम सभा की भूमिका और पेसा कानून को लेकर उपस्थित लोगों के बीच अपनी बात मजबूती से रखी।

भाग्यांश पामभोई ने कहा कि आदिवासी समाज के लिए अपने अधिकारों को जानना और समझना बेहद जरूरी है। उन्होंने लोगों को पेसा कानून के प्रावधानों और ग्राम सभा की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पेसा कानून आदिवासी क्षेत्रों में स्थानीय स्वशासन और ग्राम सभा को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कानून है।

उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन से जुड़े अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर ही आदिवासी समाज अपने हितों की रक्षा कर सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने संवैधानिक और कानूनी अधिकारों को समझें तथा ग्राम सभा को मजबूत बनाकर लोकतांत्रिक तरीके से अपने हक की आवाज उठाएं।

उनकी बातों के दौरान कार्यक्रम में मौजूद लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। युवाओं और ग्रामीणों ने पेसा कानून तथा आदिवासी अधिकारों से जुड़े विषयों को गंभीरता से सुना। कार्यक्रम में अधिकारों और स्वशासन को लेकर जागरूकता का माहौल नजर आया।

विश्व आदिवासी दिवस के मंच से भाग्यांश पामभोई का यह संदेश आदिवासी समाज की पहचान, सम्मान, अधिकार और स्वशासन की लड़ाई को आगे बढ़ाने पर केंद्रित रहा।

कार्यक्रम के दौरान उनके संबोधन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि “अपने अधिकारों को जानना ही अपने हक की लड़ाई की पहली सीढ़ी है।”

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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