रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

‘शुद्धिकरण’के नाम पर दलितों का अपमान,भाजपा की मनुवादी सोच का खुला प्रदर्शन- प्रेमशंकर शुक्ला
बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी रैली स्थल के शुद्धिकरण के विरोध में किया एकदिवसीय राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन व सत्याग्रह आंदोलन
जगदलपुर 14अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सम्मानित अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी की हल्द्वानी (उत्तराखंड) में आयोजित एक सफल विशाल जनसभा के उपरांत एक विशेष संगठन द्वारा कार्यक्रम स्थल पर कथित ‘शुद्धिकरण’ किए जाने की अमर्यादित घटना के विरोध में आज बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी शहर/ ग्रामीण के संयुक्त तत्वावधान में एकदिवसीय राष्ट्रव्यापी धरना प्रदर्शन व सत्याग्रह आंदोलन किया गया। इस दौरान कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने कथित ‘शुद्धिकरण’ की घटना को संविधान की मूल भावना, सामाजिक समरसता, समानता और लोकतांत्रिक मूल्यों के विरुद्ध बताते हुए विरोध दर्ज करते हुए कहा भारत की पहचान उसकी विविधता, भाईचारे और सामाजिक समरसता से है। महात्मा गांधी, डॉ.भीमराव अंबेडकर और स्वतंत्रता संग्राम के महान नेताओं ने छुआछूत एवं सामाजिक भेदभाव के खिलाफ संघर्ष किया। डॉ.अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान ने प्रत्येक भारतीय को समान अधिकार और सम्मान प्रदान किया।ऐसे में किसी भी प्रकार की जातिगत श्रेष्ठता अथवा छुआछूत की मानसिकता को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

एकदिवसीय राष्ट्रव्यापी धरना प्रदर्शन व सत्याग्रह आंदोलन को संबोधित करते हुए शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा 21वीं सदी में छुआछूत की सोच बेहद शर्मनाक है माननीय मल्लिकार्जुन खड़गे जी केवल एक राष्ट्रीय दल के अध्यक्ष ही नहीं,बल्कि देश के वरिष्ठतम जननेताओं में से एक हैं। एक दलित समाज से आने वाले शीर्ष नेता की जनसभा के बाद उस स्थान का ‘शुद्धिकरण’ कराया जाना केवल खड़गे जी का अपमान नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों दलितों,वंचितों और शोषितों की अस्मिता पर सीधा हमला है। यह कृत्य भाजपा और उससे जुड़े संगठनों की सामंतवादी, भेदभावपूर्ण और दलित विरोधी मानसिकता का स्पष्ट प्रतिबिंब है।
यह घटिया कृत्य साबित करता है कि भाजपा का ‘सबका साथ, सबका विकास’ का नारा एक बहुत बड़ा पाखंड है। इनकी नस-नस में सामंतवादी सोच और दलित विरोधी भावना भरी हुई है। “जब-जब दलित और पिछड़े समाज का कोई व्यक्ति शीर्ष पद पर पहुँचता है,तब-तब भाजपा से जुड़े संगठनों का ‘जातिवादी चेहरा’ बेनकाब हो जाता है। 21वीं सदी के आधुनिक भारत में इस तरह की संकीर्ण और कुत्सित सोच बेहद निंदनीय एवं शर्मनाक है।
शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कांग्रेस पार्टी इस दूषित कृत्य के लिए मांग करती है कि इस शर्मनाक कृत्य को अंजाम देने वाले संगठन और उनका नैतिक समर्थन करने वाली भाजपा सरकार देश की जनता और दलित समाज से सार्वजनिक रूप से माफी माँगे। सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने और दलित समाज की भावना को ठेस पहुँचाने वाले दोषियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाए। संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के तहत देश में जातिवाद और भेदभाव फैलाकर संवैधानिक अधिकारों को कुचलने की साजिशों पर तुरंत रोक लगाई जाए। मौर्य ने आगे कहा कि बाबा साहब डॉ.भीमराव आंबेडकर जी द्वारा दिए गए संविधान और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों की रक्षा के लिए कांग्रेस पार्टी हर स्तर पर संघर्ष करेगी। दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों के अधिकारों का हनन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ग्रामीण अध्यक्ष प्रेमशंकर शुक्ला ने कहा कि भारत में किसी व्यक्ति की जाति के आधार पर उसके जाने से किसी स्थान को अशुद्ध मानना बेहद शर्मनाक और घोर आपत्तिजनक सोच है। कथित ‘शुद्धिकरण’ की यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि देश के करोड़ों दलितों, वंचितों और संविधान में विश्वास रखने वाले नागरिकों का अपमान है।”भाजपा और उससे जुड़े संगठनों की कथित मनुवादी एवं भेदभावपूर्ण मानसिकता अब खुलकर सामने आ रही है। जिस देश के संविधान ने छुआछूत को समाप्त कर प्रत्येक नागरिक को समानता और सम्मान का अधिकार दिया, उसी देश में आज भी यदि जाति के नाम पर ‘शुद्ध-अशुद्ध’की मानसिकता दिखाई देती है तो यह बेहद गंभीर चिंता का विषय है।जाति के आधार पर किसी व्यक्ति को कमतर समझना या उसके स्पर्श अथवा उपस्थिति को अशुद्ध मानना संविधान और मानव गरिमा दोनों का अपमान है। मल्लिकार्जुन खड़गे जी केवल कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ही नहीं, बल्कि देश के करोड़ों गरीब, दलित, आदिवासी, पिछड़े और वंचित वर्गों की आवाज हैं। उनके सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव पूरे लोकतांत्रिक समाज के लिए गंभीर संदेश है। कांग्रेस पार्टी ऐसी मानसिकता के खिलाफ मजबूती से खड़ी है।
भाजपा को दलितों के वोट से प्रेम है,किंतु दलित समाज के सम्मान, स्वाभिमान से कोई सरोकार नहीं- राजेश चौधरी
नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी ने कहा भाजपा को दलितों के वोट से प्रेम है, लेकिन दलित समाज के सम्मान और स्वाभिमान से कोई सरोकार नहीं है। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जी की सभा स्थल के कथित शुद्धिकरण जैसे शर्मनाक और सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुंचाने वाले कृत्य की जितनी निंदा की जाए, कम है।ऐसे कृत्य करने वाले संगठनों और उन्हें संरक्षण या समर्थन देने वाली भाजपा सरकार को देश और दलित समाज से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। लोकतंत्र में किसी व्यक्ति के पद, विचार या राजनीतिक दल से असहमति हो सकती है, लेकिन जाति के आधार पर किसी का अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता।भाजपा को वोट की राजनीति से ऊपर उठकर दलितों के सम्मान, समानता और सामाजिक न्याय के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। कांग्रेस पार्टी ऐसे भेदभावपूर्ण और अपमानजनक कृत्यों के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाती रहेगी।
इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेसी रामशंकर राव,पूर्व महापौर जतिन जायसवाल,पूर्व सभापति कविता साहू, जिला उपाध्यक्ष वीरेंद्र परिहार, महामंत्री अभिषेक नायडू, सुभाष गुलाटी,विजय सिंह,प्रशांत जैन, नीतीश शर्मा, महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता निषाद ,ब्लॉक अध्यक्ष बलराम यादव, सूर्यापानी,संतोष सेठिया,फूलसिंह बघेल, रविशंकर तिवारी,किसान कांग्रेस अध्यक्ष दयाराम कश्यप,राजेंद्र पटवा, प्रणयशील, भोजराज नाग,लखेश्वर कश्यप,अपर्णा बाजपेयी, विजेंद्र ठाकुर,मीडिया प्रभारी शादाब अहमद,एस नीला,मोहसिन खान,सलीम जाफर अली, राजा खान,उस्मान रजा,गुरमीत कौर,श्याम कुमारी ध्रुव,कमला भत्तरा,गौरी, पार्षद अफरोज बेगम,शुभम यदू,रामकृष्ण तिवारी, राकेश मौर,कमलेश पाठक, राजा तिवारी,खीरेंद्र यादव,खेमराज सेठिया, आदि मौजूद रहे।