रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

कुम्हरावंड में ‘रावे’ के तहत जागरूकता कार्यक्रम
जगदलपुर,18 अगस्त 2026/ फसलों की बेहतर सुरक्षा और उन्नत उत्पादन के उद्देश्य से कुम्हावंड स्थित शहीद गुण्डाधुर कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, जगदलपुर के बी.एससी. (कृषि) चतुर्थ वर्ष के विद्यार्थियों ने ग्राम कुम्हरावंड में ‘मित्र एवं शत्रु कीट पहचान’ मॉडल प्रदर्शनी का आयोजन किया। ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव कार्यक्रम के अंतर्गत इस कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ आरएस नेताम के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।

प्रदर्शनी के दौरान कृषि छात्रों ने सजीव एवं आकर्षक मॉडल्स के माध्यम से किसानों को खेतों में पाए जाने वाले लाभदायक तथा हानिकारक कीटों की विस्तृत और व्यावहारिक पहचान कराई। उन्होंने किसानों को समझाया कि मित्र कीट किस प्रकार प्राकृतिक रूप से हानिकारक कीटों का भक्षण कर फसलों की रक्षा करते हैं, जिससे रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता कम होती है और पर्यावरण का संतुलन बना रहता है। इसके साथ ही शत्रु कीटों से फसलों को होने वाले नुकसान के लक्षण और उनके वैज्ञानिक, सुरक्षित एवं प्रभावी नियंत्रण उपायों की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम में स्थानीय कृषकों ने भारी उत्साह के साथ भाग लिया और अपनी फसलों में लगने वाले कीटों के प्रबंधन को लेकर कई सवाल पूछे, जिनका छात्रों और वैज्ञानिकों ने मौके पर ही समाधान प्रस्तुत किया। इस तरह के आयोजनों से जहां एक ओर किसानों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा मिली, वहीं दूसरी ओर विद्यार्थियों के कृषि विस्तार एवं ग्रामीण संवाद कौशल में भी निखार आया। इस पूरे कार्यक्रम का सफल संयोजन समन्वयक डॉ जीवनलाल सलाम ने किया, जबकि कीट वैज्ञानिक डॉ महेश, डॉ रामकुमार ठाकुर, डॉ नेमीचंद मंडावी तथा डॉ चेतना खांडेकर ने विशेष रूप से उपस्थित रहकर किसानों का मार्गदर्शन किया।