रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ ने हस्तनिर्मित राखियां खरीदकर बढ़ाया महिलाओं का उत्साह

जगदलपुर, 18 अगस्त 2026/ रक्षाबंधन पर्व के उपलक्ष्य में जगदलपुर स्थित कलेक्टोरेट परिसर में ग्रामीण महिलाओं के हुनर और आत्मनिर्भरता का अनूठा संगम देखने को मिला। विकासखंड जगदलपुर, बकावंड और बस्तर के विभिन्न गांवों से जुड़ी महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों द्वारा परिसर में विशेष स्टॉल लगाया गया, जहां उनके द्वारा तैयार हस्तनिर्मित राखियां आकर्षण का मुख्य केंद्र बनी रहीं। कलेक्टर आकाश छिकारा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय खन्ना और सहायक कलेक्टर यशवंत नायक ने स्टॉल का अवलोकन कर महिलाओं द्वारा तैयार कलाकृतियों की भूरि-भूरि प्रशंसा की और स्वयं राखियां खरीदकर उनका उत्साहवर्धन किया।


स्टॉल पर ग्रामीण महिलाओं द्वारा धान, चावल, लालभाजी के बीज, खीरे के बीज, मयूर पंख, बांस, प्राकृतिक धागों और कौड़ियों से तैयार की गई पर्यावरण-अनुकूल राखियों का भव्य प्रदर्शन किया गया। बस्तर की समृद्ध लोक-कला और संस्कृति की छाप समेटे इन आकर्षक राखियों को कलेक्टरेट पहुंचे अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों ने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारी उत्साह के साथ खरीदा।


उल्लेखनीय है कि रक्षाबंधन के पावन अवसर पर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके लिए अतिरिक्त आय के साधन जुटाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान आड़ावाल द्वारा 21 से 26 जुलाई तक एक विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया था। इस प्रशिक्षण में सातों जनपदों से आई 30 दीदियों ने डिजाइन चयन, रंग संयोजन, गुणवत्ता, पैकेजिंग और प्राकृतिक सामग्रियों से राखी बनाने की बारीकियां सीखी थीं, जिसके बाद उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में अन्य महिलाओं के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर इन राखियों का निर्माण किया।

    कलेक्टरेट परिसर में लगा यह स्टॉल न केवल पर्यावरण संरक्षण और ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को मजबूती प्रदान कर रहा है, बल्कि बिचौलियों के बिना सीधे बाजार उपलब्ध कराकर बस्तर की ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन में भी मील का पत्थर साबित हुआ है।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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