रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

मिलावट के खिलाफ प्रशासन का अभियान तेज ,मिठाई दुकानों की होगी जांच

रक्षाबंधन से पहले छत्तीसगढ़ में खाद्य सुरक्षा का बड़ा अभियान, 23 अगस्त तक चलेगी सघन जांच

जगदलपुर, 19 अगस्त 2026। रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए छत्तीसगढ़ में मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने ‘बने खाबो-बने रहिबो 2.0’ के तहत सात दिवसीय विशेष खाद्य सुरक्षा प्रवर्तन एवं जन-जागरूकता अभियान शुरू किया है। यह अभियान 17 से 23 अगस्त 2026 तक पूरे प्रदेश में संचालित किया जा रहा है।



जांच के दौरान प्रतिबंधित एनालॉग पनीर, मिलावटी मावा, वनस्पति वसा से तैयार मिठाइयों तथा बिना लेबल खाद्य पदार्थों पर विशेष नजर रहेगी। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों में प्रतिबंधित रंग और उन्हें रखने में अकबारी कागज का उपयोग नहीं करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों ने बिल, सप्लायर विवरण और कच्चे माल के स्रोत की जांच के साथ संदिग्ध उत्पादों के नमूने लेने की कार्रवाई शुरू कर दी है। नियमों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।



इस अभियान के दौरान जगदलपुर के  मिठाई दुकान, दूध एवं दुग्ध उत्पाद, नमकीन, कन्फेक्शनरी, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और स्ट्रीट फूड प्रतिष्ठानों की सघन जांच की गई। खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच कराई गई तथा मिलावट, अमानकता या असुरक्षित खाद्य पदार्थ पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।



खाद्य विभाग की नजर बिना लेबल, बिना सामग्री विवरण तथा भ्रामक नाम से बेची जा रही मिठाइयों पर भी रहेगी। वनस्पति तेल या वनस्पति वसा से तैयार ऐसी मिठाइयों की भी जांच होगी, जिन्हें दूध या दुग्ध उत्पाद के रूप में प्रदर्शित कर बेचा जा रहा है।



अभियान के तहत शहरी बाजारों के साथ-साथ ग्रामीण एवं छोटे बाजारों, अस्थायी दुकानों और साप्ताहिक बाजारों में भी निरीक्षण किया जाएगा। बिना खाद्य पंजीयन या लाइसेंस के कारोबार करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का स्पष्ट संदेश है—त्योहार में मिलावट बर्दाश्त नहीं होगी। उपभोक्ताओं से भी अपील की गई है कि मिठाई और अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय लेबल, सामग्री, निर्माण तिथि, उपयोग की तिथि, निर्माता का विवरण और बिल अवश्य जांचें।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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