रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

संभाग स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के दिए निर्देश

जगदलपुर, 20 अगस्त 2026/ कमिश्नर बस्तर  डोमन सिंह ने संभाग स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक में सेवा डेरा के तौर पर चयनित ग्रामों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने के लिए सभी विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के साथ ही विभागीय गतिविधियों को बेहतर ढंग से संचालित किया जाए, ताकि इन गांवों में ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं का लाभ सहजता से मिल सके।

          कमिश्नर  डोमन सिंह ने कहा कि सेवा डेरा के रूप में चयनित गांवों में स्कूल, आंगनबाड़ी केन्द्र और स्वास्थ्य केन्द्रों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता हो। अधिकारी प्रत्येक सप्ताह इन गांवों का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेकर आवश्यकतानुसार कार्यों को सुनिश्चित करने के लिए संबंधित जिला स्तरीय अधिकारियों को मार्गदर्शन प्रदान करें। उन्होंने पेयजल प्रबंधन, विद्युत आपूर्ति, सड़क कनेक्टिविटी सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

          कमिश्नर ने कहा कि ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने के लिए किसानों को कृषि के साथ-साथ उद्यानिकी, मछलीपालन एवं पशुपालन जैसी कृषि आधारित गतिविधियों से जोड़ा जाए। वहीं ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भर बनाने के लिए सकारात्मक एवं ठोस प्रयास किए जाएं। ग्रामीण आवागमन को सुगम बनाने के लिए स्थानीय युवाओं एवं महिलाओं को ई-रिक्शा अथवा ऑटो रिक्शा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करने के निर्देश भी दिए।

           उन्होंने सेवा डेरा ग्रामों में दिव्यांगजनों का चिन्हांकन कर उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराने पर जोर दिया। साथ ही पात्र दिव्यांगजनों को पेंशन योजनाओं का लाभ दिलाने तथा सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अंतर्गत सभी पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित करने के निर्देश दिए।

          कमिश्नर ने अधिकारियों से कहा कि सेवा डेरा के रूप में चयनित गांवों के विकास को केवल विभागीय योजनाओं एवं गतिविधियों तक सीमित न रखते हुए सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से व्यापक विकास मॉडल के रूप में तैयार किया जाए, जिससे ग्रामीणों को शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली, सड़क, आजीविका और सामाजिक सुरक्षा जैसी आवश्यक सुविधाएं स्थानीय स्तर पर बेहतर तरीके से उपलब्ध हो सकें। बैठक के दौरान कमिश्नर ने जिलों में पंचायत सचिव सहित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं आंगनबाड़ी सहायिका के रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को समय सीमा के अनुरूप सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास, स्कूल शिक्षा, समाजकल्याण, महिला एवं बाल विकास, आदिवासी विकास, वन, नगरीय प्रशासन इत्यादि विभागों के योजनाओं एवं विभागीय गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में डिप्टी कमिश्नर गीता रायस्त सहित विभिन्न विभागों के संभाग स्तरीय अधिकारी और नोडल अधिकारी मौजूद थे। वहीं जिलों के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े रहे।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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