रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

31.5 टन खनिज चोरी तो केवल एक बानगी,सालों से जारी बड़े घोटाले पर जवाब दे भाजपा सरकार!

बस्तर की खनिज संपदा की डकैती कतई बर्दाश्त नहीं करेगी कांग्रेस पार्टी

आखिर किस भाजपा नेता के इशारे पर हो रही बस्तर के लोहे की खुली डकैती? आखिर गाड़ी और निजी यार्ड का मालिक कौन! सार्वजनिक करे भाजपा सरकार!

 27 अगस्त 2026, जगदलपुर। बस्तर के स्वाभिमान और औद्योगिक विकास के प्रतीक ‘एनएमडीसी (NMDC) नगरनार स्टील प्लांट’ के लिए लाए गए कच्चे माल (आयरन ओर) में से 31.5 टन माल जिसकी कीमत ₹2.63 लाख रुपए का सीधे निजी यार्ड में खाली होना कोई इत्तेफाक या साधारण चोरी नहीं, बल्कि सत्ताधारी भाजपा के स्थानीय नेताओं के संरक्षण में चल रहा एक संगठित खनिज घोटाला है। शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य ने जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा राज्य की भाजपा सरकार और पुलिस प्रशासन बताए कि कुम्हारमारेंगा रेलवे साइडिंग से बैलाडीला का लोहा नगरनार प्लांट पहुँचने के बजाय सीधे सरगीपाल के निजी यार्ड में कैसे खाली करा दिया गया! बस्तर की बहुमूल्य खनिज संपदा से जुड़े 31.5 टन आयरन ओर के कथित रूप से तय गंतव्य तक पहुंचने के बजाय निजी यार्ड में उतारे जाने का मामला बेहद गंभीर और चिंताजनक है।इससे यह साबित करता है कि बस्तर में खनिज माफिया बेखौफ होकर सरकारी और सार्वजनिक संपत्ति की डकैती कर रहे हैं।

शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने आगे बताया कि बैलाडीला से कुम्हारमारेंगा रेलवे साइडिंग पहुँचे आयरन ओर को ट्रकों के माध्यम से नगरनार स्टील प्लांट पहुँचाया जाना था।एक ट्रक में 31.5 टन माल लोड हुआ, लेकिन वाहन गंतव्य (प्लांट) पहुँचने के बजाय सीधे सरगीपाल स्थित एक निजी यार्ड में चला गया, जहाँ पूरा माल खाली कर वाहन वापस लौट आया। NMDC विजिलेंस और ऑनलाइन रिकॉर्ड्स के मिलान में प्लांट तक डिलीवरी न मिलने पर इस महाघोटाले की पुष्टि हुई। जिसके बाद प्लांट प्रबंधन द्वारा नगरनार, परपा और बोधघाट थानों में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है।”जब सिर्फ एक गाड़ी की आकस्मिक जाँच में लाखों का 31.5 टन लोहा निजी यार्ड में बेचा जाना पकड़ा गया है, तो अंदाज़ा लगाइए कि यह काले कारनामों का खेल कितने महीनों से और कितने सौ करोड़ रुपये के पैमाने पर चल रहा होगा!

बिना बड़े राजनीतिक वरदहस्त और प्रशासनिक सांठगांठ के इतनी बड़ी खनिज डकैती संभव ही नहीं है। निर्धारित रूट और गंतव्य से वाहन के विचलन की जानकारी संबंधित अधिकारियों और निगरानी तंत्र को समय पर क्यों नहीं हुई?क्या इस पूरे मामले में केवल वाहन चालक और कुछ लोगों की भूमिका है या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क भी है?परिवहन, वजन, रेक पॉइंट, प्लांट गेट और डिलीवरी से जुड़े रिकॉर्ड की जांच क्यों न कराई जाए? क्या पिछले महीनों में इसी तरह की अन्य खेपों की भी जांच की गई है? कुल मिलाकर भाजपा सरकार में सत्ता के दम पर बस्तर की संपत्ति को लूटने का संगठित खेल चल रहा है!

शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा भाजपा सरकार स्पष्ट करे कि 31.5 टन आयरन ओर की तस्करी करने वाली गाड़ी किस भाजपा नेता या उनके करीबी की है?सरगीपाल में स्थित जिस निजी यार्ड में सरकारी खजाने का माल अनलोड हो रहा था, वह निजी यार्ड किस भाजपा नेता का है?सिर्फ छोटे मोहरों पर एफआईआर (FIR) दर्ज करके बड़े मगरमच्छों और राजनीतिक आकाओं को बचाने का खेल क्यों रचा जा रहा है? कुम्हारमारेंगा साइडिंग से अब तक कितना सौ मीट्रिक टन लोहा गायब कर ब्लैक मार्केट में खपाया जा चुका है? सुशील मौर्य ने कहा कि बस्तर की खनिज संपदा यहां के लोगों और प्रदेश की अमूल्य संपत्ति है। इसकी सुरक्षा और पारदर्शी उपयोग सरकार की जिम्मेदारी है। यदि खनिज परिवहन की निगरानी में कहीं भी लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और संबंधित लोगों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।

शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कांग्रेस पार्टी की सख्त चेतावनी व स्पष्ट मांग है कि उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में या निष्पक्ष SIT गठित कर पूरे सिंडिकेट की जाँच हो।यार्ड मालिक और ट्रांसपोर्ट सिंडिकेट में शामिल भाजपा नेताओं के नामों को सार्वजनिक कर एफआईआर दर्ज की जाए। मामले को केवल साधारण चोरी न मानकर राष्ट्र/राज्य संपत्ति की डकैती और षड्यंत्र की धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए।

यदि जल्द से जल्द इस पूरे खनिज घोटाले के मुख्य संरक्षकों और भाजपा नेताओं पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस पार्टी NMDC मुख्यालय का घेराव कर उग्र आंदोलन करेगी।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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