रिपोर्ट – जय शंकर पांडे

10 सितम्बर 2026, भारतीय किसान यूनियन टिकैत जिला बस्तर के नेतृत्व में राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष गौरव टिकैत, प्रदेश प्रभारी  प्रवीण क्रांति, प्रदेश अध्यक्ष  तेजराम विद्रोही एवं प्रदेश सचिव  कमल कुशवाहा, संभागीय अध्यक्ष  शिवा स्वर्णकार तथा जिला अध्यक्ष रमेश गोयल जिला उपाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ग्रामीण जिला अध्यक्ष जगदू राम कश्यप , जिला उपाध्यक्ष जयंत राम साहू जिला सचिव रूबेन कश्यप जिला सचिव धीरज ठाकुर संगठन मंत्री जगन्नाथ देवांगन  जिला उपाध्यक्ष मान सिंह नेताम   महासचिव प्रवीण राजेंद्र मांडवी लक्ष्मी  रायकोट के सरपंच उपसरपंच रमेश कश्यप  मीडिया प्रभारी संभागीय प्रभारी सोनू कश्यप  घासी राम बीजापुर जिला अध्यक्ष धनुर  सुकमा जिला अध्यक्ष सुनील कुमार सोढ़ी  संगठन मंत्री रमेश नाग  कोंडागांव जिला अध्यक्ष घनश्याम नेताम  जिला सचिव सहित संगठन के पदाधिकारियों एवं बड़ी संख्या में किसान-ग्रामीणों द्वारा जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर क्षेत्र की गंभीर एवं लंबे समय से लंबित समस्याओं को लेकर यह ज्ञापन सौंपा गया।


भारतीय किसान यूनियन स्पष्ट रूप से कहना चाहती है कि किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं को अब केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहने दिया जाएगा। यदि प्रशासन द्वारा समयबद्ध तरीके से समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो संगठन लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से बड़े आंदोलन, धरना-प्रदर्शन एवं अनिश्चितकालीन आंदोलन के लिए बाध्य होगा।


1. रायकोट पंचायत के परिसीमन एवं सीमांकन का मामला
तोकापाल ब्लॉक के रायकोट पंचायत में ग्रामीणों के अनुसार अधिकारियों द्वारा बिना उचित ग्राम सभा की सहमति एवं ग्रामीणों की वास्तविक आपत्तियों का निराकरण किए पंचायत का परिसीमन/सीमांकन किया गया है।
इस परिसीमन के कारण वर्षों से जिन स्थानों को ग्रामीण अपनी सामाजिक, धार्मिक एवं सामुदायिक व्यवस्था का हिस्सा मानते आए हैं, उनसे ग्रामीणों को वंचित होने की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
विशेष रूप से ग्रामीणों की शिकायत है कि—
ग्रामीणों के श्मशान घाट से संबंधित अधिकार प्रभावित हुए हैं।
गांव के तीन-चार वार्डों की प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हुई है।
ग्रामीणों के पारंपरिक बाजार एवं सार्वजनिक उपयोग के स्थान प्रभावित हुए हैं।
ग्रामवासियों की आपत्तियों एवं सहमति को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया।
परिसीमन के कारण ग्रामीणों में भारी असंतोष एवं आक्रोश है।
भारतीय किसान यूनियन की मांग है कि उक्त परिसीमन एवं सीमांकन की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा विवादित परिसीमन पर तत्काल रोक लगाई जाए। ग्राम सभा की खुली बैठक बुलाकर ग्रामीणों की राय एवं आपत्तियां दर्ज की जाएं और ग्रामवासियों की सहमति एवं नियमानुसार ही आगे की कार्रवाई की जाए।


2. नकली खाद एवं खाद की कालाबाजारी पर कठोर कार्रवाई
बस्तर जिले में किसानों को खाद की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। किसानों की शिकायत है कि कई स्थानों पर खाद की कमी, कालाबाजारी तथा संदिग्ध/नकली खाद की बिक्री से किसान परेशान हैं।
नकली खाद अथवा घटिया खाद के उपयोग से किसानों की फसल, मेहनत और आर्थिक स्थिति पर गंभीर असर पड़ता है। किसान पूरे वर्ष मेहनत करके फसल तैयार करता है और यदि उसे नकली खाद के नाम पर ठगा जाता है तो उसका नुकसान कौन भरेगा?


भारतीय किसान यूनियन की मांग है कि—
जिले में खाद की उपलब्धता एवं वितरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
नकली अथवा अमानक खाद बेचने वाले दुकानदारों पर तत्काल कार्रवाई हो।
खाद की कालाबाजारी में यदि कोई अधिकारी, कर्मचारी या व्यापारी संलिप्त पाया जाता है तो उसके विरुद्ध भी कठोर कार्रवाई की जाए।
कृषि विभाग द्वारा खाद के नमूने लेकर प्रयोगशाला जांच कराई जाए।
नकली/अमानक खाद से प्रभावित किसानों को नियमानुसार उचित मुआवजा एवं न्याय दिलाया जाए।
खाद वितरण की व्यवस्था पारदर्शी बनाई जाए ताकि वास्तविक किसान को समय पर खाद मिल सके।


3. भारतीय किसान यूनियन के भवन एवं किसान सुविधा केंद्र के लिए भूमि संबंधी मांग
भारतीय किसान यूनियन टिकैत द्वारा किसानों एवं गरीब ग्रामीणों के हित में लगातार कार्य किया जा रहा है। संगठन की ओर से किसानों के लिए एक स्थायी संगठनात्मक भवन, किसान सहायता केंद्र एवं पुस्तकालय स्थापित करने की आवश्यकता प्रशासन के समक्ष रखी गई है।
इस भवन के माध्यम से किसानों एवं ग्रामीण युवाओं को कृषि, कानून, सरकारी योजनाओं, किसान अधिकारों तथा शिक्षा से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
अतः संगठन की मांग है कि नियमानुसार उपलब्ध भूमि/शासकीय प्रक्रिया के अंतर्गत संगठन के भवन, पुस्तकालय एवं किसान सुविधा केंद्र के निर्माण हेतु आवश्यक भूमि संबंधी प्रक्रिया में प्रशासन सहयोग प्रदान करे।


4. ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित किए जाने का मामला
रायकोट एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में परिसीमन के कारण ग्रामीणों की सामाजिक एवं प्रशासनिक सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। ग्रामीणों को अपने पारंपरिक बाजार, श्मशान घाट तथा अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के संबंध में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रशासन द्वारा मौके का निरीक्षण कर ग्रामीणों की वास्तविक स्थिति को समझते हुए आवश्यक सुविधाओं को बहाल किया जाए।


हमारी प्रमुख मांगें
(1) रायकोट पंचायत के विवादित परिसीमन एवं सीमांकन की तत्काल जांच कराई जाए।
(2) ग्राम सभा की विधिवत बैठक आयोजित कर ग्रामीणों की सहमति एवं आपत्तियां दर्ज की जाएं।
(3) ग्रामीणों के श्मशान घाट, बाजार एवं सार्वजनिक उपयोग के स्थानों को सुरक्षित एवं बहाल किया जाए।
(4) नकली खाद बेचने वाले दुकानदारों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
(5) खाद की कालाबाजारी की जांच कर दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं व्यापारियों की जिम्मेदारी तय की जाए।
(6) नकली अथवा अमानक खाद से प्रभावित किसानों को न्याय एवं उचित क्षतिपूर्ति दिलाई जाए।
(7) जिले में किसानों को पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तापूर्ण खाद उचित दर पर उपलब्ध कराई जाए।
(8) भारतीय किसान यूनियन के किसान भवन, पुस्तकालय एवं किसान सुविधा केंद्र के लिए भूमि संबंधी मांग पर नियमानुसार शीघ्र कार्रवाई की जाए।
(9) प्रशासनिक अधिकारियों की टीम द्वारा रायकोट पंचायत का स्थल निरीक्षण कर ग्रामीणों की समस्याओं का प्रत्यक्ष सत्यापन किया जाए।
(10) सभी मामलों में की गई कार्रवाई की जानकारी भारतीय किसान यूनियन एवं संबंधित ग्रामीणों को लिखित रूप से उपलब्ध कराई जाए।


आंदोलन की चेतावनी
भारतीय किसान यूनियन टिकैत जिला बस्तर प्रशासन को स्पष्ट रूप से चेतावनी देना चाहता है कि किसानों एवं ग्रामीणों की समस्याओं को हल्के में न लिया जाए।
किसान अब केवल आश्वासन नहीं, समाधान चाहता है।
यदि उपरोक्त समस्याओं पर प्रशासन द्वारा शीघ्र एवं ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो भारतीय किसान यूनियन टिकैत जिला बस्तर किसानों, ग्रामीणों एवं प्रभावित परिवारों को एकजुट करते हुए चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा।

आवश्यकता पड़ने पर जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव, धरना-प्रदर्शन एवं अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की होगी।
हम प्रशासन से टकराव नहीं, बल्कि न्यायपूर्ण समाधान चाहते हैं। लेकिन यदि किसानों और ग्रामीणों की आवाज को लगातार अनदेखा किया गया, तो भारतीय किसान यूनियन टिकैत सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक लोकतांत्रिक संघर्ष करने के लिए पूरी तरह तैयार है।


किसान हित सर्वोपरि — अन्याय के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा।

By संपादक–ऋषभ कुमार

a seniour journalist from bastar division working since 2008

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